कोरबा : अमृता ज्वेलर्स के संचालक गोपाल राय सोनी हत्याकांड में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। तीनों को उम्रकैद की सजा से दडित किया है। दोषियों में गोपाल राय का ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी, उसका भाई सूरज पुरी गोस्वामी और आकाश का दोस्त मोहन मिज शामिल है। विशेष लोक अभियोजक टीकम साव ने बताया कि कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में रहने वाले सराफा कारोबारी व अमृता ज्वेलर्स के संचालक गोपाल राय सोनी की 5 जनवरी 2025 को हत्या हुई थी। पुलिस ने छानबीन के बाद गोपाल राय के ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी, आकाश का भाई सूरज पुरी गोस्वामी और दोस्त मोहन मिंज को गिरफ्तार किया था। तीनों पर आईपीसी की धारा 309 (4), 333, 103ए, सहपठित धारा 3(5), 61 (2) (क) और 238 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में चल रही थी।
न्यायाधीश शर्मा की अदालत ने गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। शनिवार को कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाया। आकाश पुरी गोस्वामी (24 वर्ष) और उसका भाई सुरज पुरी गोस्वामी (26) कुआभट्ठा मानिकपुर चौकी क्षेत्र के रहने वाले हैं। मोहन मिंज उर्फ बंटी उर्फ घोंचू भी कुआंभट्टा का निवासी है।
विशेष लोक अभियोजक साथ ने बताया कि सराफा कारोबारी हत्या के पीछे आकाश, सूरज और मोहन मिंज का मकसद लूट करना था। दोषियों ने सराफा कारोबारी के घर से केटा कार सुटकेस और मोबाइल की लूट की थी। क्रेटा कार बालकोनगर क्षेत्र के पुरानी बस्ती में मिली थी। आकाश सराफा कारोबारी गोपाल राय के घर ड्राइवरी करता था। आकाश से पहले उसके भाई सुरत ने भी इधरी की थी। दोनों को सराफा कारोबारी के परिवार की पूरी जानकारी थी।
सराफा कारोबारी की हत्या के बाद बदमाशों ने उसके घर से सीसीटीवी के फुटेंज को सुरक्षित रखने वाले डीबीआर की भी चोरी कर ली थी। लेकिन छानबीन के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। आकाश पुरी गोस्वामी भी कई दिनों तक घटना के बाद परिवार के पास आकर पुलिस की जांच पर नजर रखता रहा। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पुलिस ने आकाश गोस्वामी को हिरासत में लिया। तब उसने अपनी भाई सुरज और दोस्त मोहन मिंज के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। छानबीन के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से बरामद किए गए एक जूते के सोल में लगे खून के लगे धब्बों का नमूना लिया था। यह नमूना मृतक गोपाल राय के खून से मैच कर गया था। अन्य आरोपी मोहन मिंज का भी डीएनए टेस्ट कराया गया था। मोहन आदतन अपराधी है और जांजगीर के जेल में बंद है। सजा सुनाए जाने के दौरान तीनों कोर्ट में मौजूद थे।






