दुनिया इस समय गंभीर रोजगार संकट का सामना कर रही है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर करीब 1.2 अरब युवाओं के लिए केवल 40 करोड़ नौकरियां उपलब्ध हैं, जिससे बेरोजगारी और आर्थिक असमानता का खतरा बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट और गहरा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटोमेशन, आर्थिक मंदी, वैश्विक संघर्ष और कौशल की कमी इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। International Labour Organization के मुताबिक कई देशों में युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सीमित हैं, जिससे बड़ी आबादी अस्थिर या कम वेतन वाली नौकरियों पर निर्भर रहने को मजबूर हो रही है।
विशेषज्ञों ने सरकारों से शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपील की है। उनका मानना है कि यदि समय रहते नीतिगत बदलाव नहीं किए गए तो यह रोजगार संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।


