भारतीय ऋण बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में नियामकीय छूट और अनुकूल निवेश माहौल के बाद एफपीआई ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत आने वाली सरकारी प्रतिभूतियों में 8,795 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है। इस निवेश को भारतीय अर्थव्यवस्था और बॉन्ड बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, FAR व्यवस्था विदेशी निवेशकों को कुछ चुनिंदा सरकारी बॉन्ड में बिना निवेश सीमा के निवेश की अनुमति देती है। इसी कारण वैश्विक निवेशकों का रुझान इन प्रतिभूतियों की ओर बढ़ा है। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर, नियंत्रित मुद्रास्फीति और स्थिर वित्तीय नीतियों ने भी विदेशी निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस निवेश से सरकारी प्रतिभूतियों की मांग बढ़ेगी और भारतीय बॉन्ड बाजार को मजबूती मिलेगी। साथ ही, विदेशी पूंजी के प्रवाह से रुपये की स्थिति और वित्तीय बाजारों की स्थिरता को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में एफपीआई निवेश के रुझान पर निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी रहेगी।





