रायपुर: ग्राम सिंगारभाठा में 3 अक्टूबर 2025 की रात एक घरेलू हिंसा की घटना सामने आई है, जिसमें पति-पत्नी के बीच शराब और हिंसा को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उनके परिजन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की जानकारी महिला द्वारा पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आई। शिकायत के अनुसार, घर में छठ पूजा का कार्यक्रम चल रहा था। रात लगभग 10.30 बजे महिला ने बताया कि उनके पति छबीराम मारकण्डे शराब पी रहे थे। महिला ने पति को शराब पीने से मना किया और अपने कमरे में चली गईं। इसी दौरान पति ने महिला को धमकी देते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
महिला के अनुसार, पति ने उनके माता-पिता और बहन के लिए गंदी-गंदी गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही पति ने हाथ में डंडा लेकर उन पर हमला किया। महिला ने जब घर छोड़कर बाहर निकली, तो उनके पति छबीराम मारकण्डे, सास सुरजा बाई मारकण्डे और देवर विजय मारकण्डे ने मिलकर उन्हें मारने की कोशिश की। गालियों और मारपीट की यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब महिला के भाई शिवा टण्डन और भाभी राधा टण्डन बीच बचाव करने आए। शिकायत में बताया गया है कि उनके साथ भी मारपीट की गई। इस मारपीट की वजह से महिला के दाहिने हाथ और भाभी राधा टण्डन के बायें हाथ तथा बायें घुटने में चोटें आई हैं। घटना के दौरान महिला की मां हरेलिया टण्डमन, भाई शिवा टण्डन और अन्य लोग मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना देखी और सुनी।
महिला ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी कहा कि पुलिस रिपोर्ट में पूरी घटनाक्रम को सही तरीके से दर्ज किया गया है और उन्होंने इस घटना पर न्यायिक कार्यवाही की मांग की है। महिला का कहना है कि उनके पति और परिवार के अन्य सदस्य बार-बार उन्हें धमकी देते रहते हैं और यह घरेलू हिंसा की गंभीर घटना है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। पड़ोसी और स्थानीय लोग भी इस हिंसा की निंदा कर रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और आवश्यक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी घायल लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और आरोपी सदस्यों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घरेलू हिंसा के मामलों में जल्दी कार्रवाई और पीड़ित को सुरक्षा प्रदान करना बेहद जरूरी है। यह घटना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और घरेलू विवादों की गंभीर समस्या को उजागर करती है।


