पर्यावरण प्रदूषण से जुड़े मामलों पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य की शराब फैक्ट्रियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित विभागों को फैक्ट्रियों से होने वाले संभावित प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय मानकों के पालन की विस्तृत जांच करने को कहा है। साथ ही इस संबंध में 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण यदि जल, वायु या भूमि प्रदूषित हो रही है तो इसके लिए जिम्मेदार इकाइयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी शराब फैक्ट्रियां निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन करें और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का उल्लंघन न हो।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद संबंधित विभागों ने जांच की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान फैक्ट्रियों के संचालन, अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।


