महासमुंद। जिले में National Leprosy Eradication Programme के तहत कुष्ठ रोग से उत्पन्न शारीरिक विकृतियों के उपचार के लिए Mahasamund स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेष शल्यक्रिया शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चिन्हित मरीजों की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 10 मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन किया।
भारत सरकार के प्रिंसिपल कंसल्टेंट Dr. K. M. Kamble ने बताया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित कई मरीजों में हाथ-पैर की विकृति, पंजों का मुड़ना (क्लॉ हैंड), आंखों का पूरी तरह बंद न होना (लैगोफ्थाल्मोस) और फुट ड्रॉप जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इन जटिलताओं के उपचार के लिए यह विशेष शल्यक्रिया शिविर आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने 10 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया।
डॉ. कांबले ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीजों को पुनर्वास सहायता के रूप में 12,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से तीन किस्तों में दी जाएगी। इसमें पहली किस्त 8,000 रुपये, दूसरी किस्त 2,000 रुपये और तीसरी किस्त 2,000 रुपये की होगी। यह राशि ऑपरेशन के बाद मरीजों की देखभाल और पुनर्वास में सहयोग के लिए दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुष्ठ रोगियों की सक्रिय पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में Leprosy के लक्षण दिखाई दें तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। समय पर उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है और शासन द्वारा इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।


