बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का 2027 अवकाश कैलेंडर जारी, गर्मी में 25 दिन बंद रहेगी अदालत
बिलासपुर। न्यायिक मामलों की सुनवाई, दस्तावेजों की तैयारी और कानूनी प्रक्रियाओं की योजना बनाने वालों के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2027 का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के साथ त्योहारों, शनिवार-रविवार तथा रजिस्ट्री कार्यालय के कामकाज का कार्यक्रम भी तय किया गया है। वकीलों, पक्षकारों और न्यायालय से जुड़े कर्मचारियों के लिए इस कैलेंडर की जानकारी इसलिए जरूरी है, क्योंकि अदालत में सुनवाई बंद रहने और रजिस्ट्री के खुले रहने के नियम अलग-अलग हैं।
मई-जून में गर्मी की छुट्टी, दिसंबर में शीतकालीन अवकाश
जारी कार्यक्रम के मुताबिक, हाईकोर्ट में गर्मी की छुट्टी 18 मई से 11 जून 2027 तक रहेगी। इस अवधि में नियमित सुनवाई नहीं होगी, हालांकि रजिस्ट्री कार्यालय खुला रहेगा। इसका अर्थ है कि अदालत की सुनवाई से जुड़ी गतिविधियां और प्रशासनिक या दस्तावेजी कामकाज एक ही समय-सारिणी के तहत नहीं चलेंगे।
सर्दियों में अदालत का अवकाश 23 से 31 दिसंबर 2027 तक निर्धारित किया गया है। रजिस्ट्री कार्यालय 20 से 24 दिसंबर तक खुला रहेगा, जबकि 27 से 31 दिसंबर तक बंद रहेगा। ऐसे में दिसंबर के अंतिम दिनों में आवेदन, दस्तावेज जमा करने या अन्य रजिस्ट्री संबंधी कार्य की योजना बनाने वालों को तारीखों का विशेष ध्यान रखना होगा।
त्योहारों पर कब-कब बंद रहेगा हाईकोर्ट?
2027 के कैलेंडर में राष्ट्रीय पर्वों और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक अवसरों पर अवकाश शामिल हैं। प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
- 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस
- 6 मार्च: महाशिवरात्रि
- 10 मार्च: ईद-उल-फितर
- 26 मार्च: गुड फ्राइडे
- 14 अप्रैल: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती
- 15 और 16 अप्रैल: रामनवमी
- 17 मई: ईद-उल-जुहा
- 16 जून: मुहर्रम
- 9 अगस्त: विश्व आदिवासी दिवस
- 17 अगस्त: रक्षाबंधन
- 25 अगस्त: कृष्ण जन्माष्टमी
- 3 सितंबर: हरतालिका तीज
- 4 सितंबर: गणेश चतुर्थी
- 2 अक्टूबर: गांधी जयंती
- 25 दिसंबर: क्रिसमस
इन तारीखों के आधार पर वकील अपने मामलों की तैयारी, पक्षकार जरूरी दस्तावेज जुटाने और न्यायालय से संबंधित काम पहले से व्यवस्थित कर सकते हैं।
शनिवार को अदालत और रजिस्ट्री के नियम क्या हैं?
कैलेंडर में शनिवार के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। महीने के दूसरे और तीसरे शनिवार को हाईकोर्ट और रजिस्ट्री कार्यालय दोनों बंद रहेंगे। अन्य शनिवारों में नियमित सुनवाई नहीं होगी, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय खुला रहेगा।
हालांकि, 6 नवंबर और 4 दिसंबर 2027 को शनिवार होने के बावजूद कार्यदिवस निर्धारित किया गया है। रविवार को हाईकोर्ट और रजिस्ट्री कार्यालय बंद रहेंगे। यह व्यवस्था गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान पड़ने वाले रविवार पर भी लागू होगी।
यह अंतर व्यावहारिक रूप से अहम है। अदालत में सुनवाई नहीं होने का मतलब हर स्थिति में यह नहीं है कि रजिस्ट्री का काम भी बंद रहेगा। इसलिए किसी जरूरी आवेदन या दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए निकलने से पहले संबंधित दिन की स्थिति की पुष्टि करना बेहतर होगा।
चांद दिखने पर निर्भर त्योहारों की तारीख बदल सकती है
अवकाश कैलेंडर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मिलाद-उन-नबी, ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा और मुहर्रम जैसे चंद्र-दर्शन पर आधारित त्योहारों की तारीखों में बदलाव संभव है। यदि राज्य सरकार इन तारीखों में परिवर्तन करती है, तो मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी के बाद संशोधित तारीख लागू होगी।
इसलिए इन त्योहारों के लिए कैलेंडर में दर्ज तारीख को अंतिम मानकर चलने के बजाय, समय आने पर जारी होने वाली आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना जरूरी होगा।
अवकाश कैलेंडर क्यों है जरूरी?
अदालत की छुट्टियां केवल न्यायिक कर्मचारियों के लिए प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं हैं। इनका असर उन लोगों पर भी पड़ता है जिनके मामले लंबित हैं, जिन्हें दस्तावेज जमा करने हैं या जिन्हें कानूनी सलाहकारों के साथ समय तय करना है। छुट्टियों की जानकारी पहले से होने पर अनावश्यक यात्रा, दस्तावेज जमा करने में देरी और तारीखों को लेकर भ्रम से बचा जा सकता है।
खास तौर पर गर्मी और सर्दी के अवकाश में अदालत तथा रजिस्ट्री कार्यालय की अलग-अलग स्थिति समझना जरूरी है। किसी मामले में समय-सीमा लागू हो तो केवल सामान्य अवकाश सूची पर निर्भर रहने के बजाय अपने वकील और संबंधित कार्यालय से प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।




