CJP के सह-संयोजक सौरव दास का दावा है कि उनका फोन नंबर सार्वजनिक होने के बाद उन्हें लगातार कॉल और WhatsApp संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर अपना फोन नंबर लीक करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नंबर सार्वजनिक होने के बाद उन्हें लगातार फोन कॉल और WhatsApp संदेश मिल रहे हैं। सौरव दास ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि महज एक घंटे में उनके पास 300 से अधिक कॉल आ चुके थे।
सौरव दास के मुताबिक, उनका फोन नंबर दिल्ली पुलिस से संबंधित दस्तावेजों में सामने आया। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में पिछले प्रदर्शन से जुड़ा अंडरटेकिंग फॉर्म और प्रदर्शन की अनुमति खारिज करने वाला पुलिस का हालिया पत्र शामिल है।
हालांकि, फोन नंबर किसने और किन परिस्थितियों में सार्वजनिक किया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल आने का दावा
सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नंबर सार्वजनिक होने के बाद उन्हें लगातार फोन कॉल और WhatsApp संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ समन्वित अभियान चलाया जा रहा है।
दास ने इस स्थिति के लिए पुलिस से जुड़े दस्तावेजों में फोन नंबर उजागर होने को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, कम समय में बड़ी संख्या में कॉल आने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने उन मीडिया संस्थानों की भी आलोचना की, जिन्होंने कथित तौर पर फोन नंबर हटाए बिना संबंधित दस्तावेज सोशल मीडिया पर साझा किए। दास ने सवाल उठाया कि निजी जानकारी को सार्वजनिक करने से पहले उसकी सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।
इसके अलावा, पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन इन मुद्दों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना चाहता है।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से किया इनकार
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की सूचना निर्धारित समय से काफी कम अवधि पहले दी गई थी।
इसके अलावा, पुलिस ने पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों और निर्देशों के कथित उल्लंघन का हवाला दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं को भी अनुमति नहीं देने के कारणों में शामिल बताया गया है।
पुलिस के फैसले के बावजूद CJP नेताओं ने प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
अब आगे क्या?
सौरव दास के फोन नंबर लीक होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और दस्तावेजों में निजी जानकारी सार्वजनिक होने की परिस्थितियां स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस के अनुमति संबंधी फैसले और सौरव दास के आरोपों को लेकर घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।



