त्योहारों में मिलावट पर सख्ती! खैरागढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी जांच, 12 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए
खैरागढ़, 13 अक्टूबर 2026। नवरात्र और त्योहारी सीजन में बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना भी जरूरी हो जाता है। व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर पैकेटबंद स्नैक्स, तेल और मिठाइयों तक, उपभोक्ता चाहते हैं कि उन्हें सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री मिले। इसी को ध्यान में रखते हुए खैरागढ़ जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने निरीक्षण अभियान तेज किया है।
अभियान के तहत 7 से 12 अक्टूबर के बीच विभिन्न दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 12 नमूने एकत्र किए गए। इनमें आठ विधिक और चार सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इन नमूनों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। फिलहाल नमूने लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित उत्पादों में मिलावट पाई गई है; इसका निष्कर्ष परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही निकलेगा।
किराना दुकानों से लेकर फलाहार सामग्री तक जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच का दायरा केवल एक तरह के खाद्य पदार्थ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पैकेटबंद उत्पादों और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी शामिल किया गया।
कार्रवाई के दौरान खैरागढ़ के जयस्तंभ चौक स्थित भगवती किराना स्टोर्स से मैगी, ओट्स और फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी तेल के तीन विधिक नमूने लिए गए। 8 अक्टूबर को बाजार अतरिया के जीतू डेली नीड्स एवं जनरल स्टोर्स से पतंजलि काजू बिस्किट का विधिक नमूना और स्पेशल सूजी टोस्ट का सर्विलांस नमूना संकलित किया गया।
9 अक्टूबर को कलेक्टोरेट परिसर स्थित गढ़ कलेवा से समोसा और साबूदाना बड़ा के दो सर्विलांस नमूने लिए गए। वहीं, 12 अक्टूबर को गोलबाजार क्षेत्र के न्यू फेमस बाजार से इंस्टेंट इडली, सिंघाड़ा आटा और साबूदाना के तीन विधिक नमूने तथा खम्मन ढोकला आटा का एक सर्विलांस नमूना एकत्र किया गया।
इन सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
त्योहारों में खाद्य सुरक्षा क्यों बन जाती है बड़ी चुनौती?
त्योहारी दिनों में घरों में पकवान बनाने, मेहमानों के लिए नाश्ता खरीदने और व्रत की सामग्री इस्तेमाल करने का चलन बढ़ जाता है। इससे खाद्य कारोबारियों के पास बिक्री बढ़ाने का अवसर आता है, लेकिन इसी दौरान भंडारण, स्वच्छता, पैकेजिंग और गुणवत्ता पर लापरवाही का जोखिम भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
खाद्य सुरक्षा का सवाल केवल मिलावट तक सीमित नहीं है। गलत तापमान पर रखे गए खाद्य पदार्थ, नमी से प्रभावित सामग्री, खराब पैकेजिंग और समाप्ति तिथि के बाद बेचे जाने वाले उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए निरीक्षण में गुणवत्ता के साथ खाद्य पदार्थों के रखरखाव और निर्धारित मानकों के पालन पर ध्यान देना जरूरी है।
खैरागढ़ में चल रही जांच का महत्व इसी वजह से बढ़ जाता है। नमूनों का परीक्षण उपभोक्ताओं की सुरक्षा के साथ-साथ कारोबारियों को भी यह संदेश देता है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है।
‘हर लेबल कुछ कहता है’ अभियान से उपभोक्ताओं को क्या फायदा?
खाद्य विभाग निरीक्षण के साथ लोगों को पैकेटबंद खाद्य सामग्री के लेबल पढ़ने के लिए भी जागरूक कर रहा है। ‘हर लेबल कुछ कहता है’ अभियान के तहत उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदने से पहले जरूरी विवरण जांचने की सलाह दी जा रही है।
खरीदारी करते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- निर्माण और समाप्ति तिथि: देखें कि उत्पाद उपयोग के लिए उपयुक्त अवधि में है या नहीं।
- सामग्री की सूची: उत्पाद में कौन-कौन से घटक शामिल हैं, इसकी जानकारी पढ़ें।
- निर्माता का विवरण: पैकेट पर निर्माता या जिम्मेदार खाद्य कारोबार संचालक की जानकारी देखें।
- एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर: पैकेट पर दिए गए खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीकरण संबंधी विवरण की जांच करें।
- पैकेजिंग की स्थिति: फटा हुआ, खुला, रिसता हुआ या असामान्य रूप से क्षतिग्रस्त पैकेट खरीदने से बचें।
- भंडारण संबंधी निर्देश: खासकर उन खाद्य पदार्थों के लिए, जिन्हें निर्धारित तापमान या सूखी जगह पर रखना जरूरी होता है।
लेबल पढ़ने की आदत उपभोक्ता को अधिक जानकारी के आधार पर फैसला लेने में मदद करती है। हालांकि, सही लेबल होना अपने आप में उत्पाद की गुणवत्ता की अंतिम गारंटी नहीं है। संदिग्ध स्थिति में विभागीय जांच और प्रयोगशाला परीक्षण की भूमिका अहम रहती है।
नमूने लेने के बाद आगे क्या होगा?
खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करने के बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए भेजा जाता है। यदि किसी उत्पाद में मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो लागू कानून और प्रक्रिया के अनुसार संबंधित कारोबारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
इसलिए इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम जांच रिपोर्ट का आना होगा। रिपोर्ट के बिना किसी उत्पाद या दुकान को मिलावटी घोषित करना उचित नहीं होगा। इसी तरह, यदि कोई उल्लंघन सामने आता है, तो कार्रवाई समय पर और पारदर्शी तरीके से होना भी जरूरी है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित भंडारण करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की गई है।
सुरक्षित त्योहार के लिए विभाग और उपभोक्ता दोनों की भूमिका
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं है। विभागीय निरीक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण जहां नियमों के पालन की जांच करते हैं, वहीं जागरूक उपभोक्ता संदिग्ध उत्पादों की पहचान और शिकायत करने में मदद कर सकते हैं।
खैरागढ़ में लिए गए 12 नमूनों की जांच के नतीजे इस अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होंगे। यदि निगरानी नियमित रहती है, शिकायतों पर कार्रवाई होती है और कारोबारियों में नियमों के पालन की जवाबदेही बढ़ती है, तो त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है। आखिरकार, त्योहार की खुशियां तभी पूरी हैं, जब बाजार से घर तक पहुंचने वाला भोजन सुरक्षित भी हो।



