जांजगीर-चाम्पा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित फर्जी एवं भ्रामक पोस्ट प्रसारित करने के मामले में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जिला भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री उमा राजेंद्र राठौर ने सिटी कोतवाली जांजगीर में लिखित शिकायत सौंपकर संबंधित फेसबुक पोस्ट पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

उमा राजेंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी नामक फेसबुक हैंडल से साझा किए गए पोस्ट में अमेरिकी नेता मार्को रुबियो के नाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के संबंध में मनगढ़ंत एवं भ्रामक बातें लिखी गई हैं। सार्वजनिक स्रोतों में ऐसे किसी बयान का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह पोस्ट केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि सुनियोजित दुष्प्रचार का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक लड़ाई लड़ने के बजाय सोशल मीडिया पर झूठ और फर्जी सामग्री के सहारे देश की छवि और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उमा राजेंद्र राठौर ने कहा कि यह मामला किसी एक राजनीतिक दल या नेता का नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव आयोग, ईवीएम प्रणाली और करोड़ों मतदाताओं के विश्वास का है। यदि कोई राजनीतिक संगठन झूठे विदेशी बयान गढ़कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है। उन्होंने कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर झूठ फैलाने और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। यदि कोई संगठन या व्यक्ति फर्जी पोस्ट के माध्यम से देश विरोधी भ्रम फैलाएगा तो भाजपा महिला मोर्चा उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा। महिला मोर्चा की जिला महामंत्री ने प्रशासन से मांग की है कि पोस्ट के मूल स्रोत की तत्काल जांच हो, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पोस्ट हटाई जाए। दोषियों पर साइबर एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जिला भाजपा महिला मोर्चा चरणबद्ध उग्र आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कांग्रेस से मांगा जवाब
उमा राजेंद्र राठौर ने कांग्रेस नेतृत्व से भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह इस पोस्ट की सामग्री का समर्थन करता है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि यह पोस्ट अधिकृत फेसबुक हैंडल से साझा की गई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और जनता के सामने सत्य रखा जाना चाहिए।





