स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान शुरू किया है। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 31 जुलाई तक सभी ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स को हर हाल में वापस स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, जो घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेगी और उनकी पढ़ाई दोबारा शुरू करवाने की जिम्मेदारी निभाएगी।
सरकार इस अभियान के तहत बच्चों की नियमित ट्रैकिंग भी करेगी। जिन छात्रों ने आर्थिक, पारिवारिक या अन्य कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ने के लिए काउंसलिंग और सहायता दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो और स्कूल छोड़ने के कारणों का रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में ड्रॉप आउट की संख्या कम की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान खास तौर पर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में तेज़ी से चलाया जाएगा। स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा शिक्षा के अधिकार का लाभ ले सके और कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।


