Diwali Cleaning Tips: दीवाली से पहले पंखे की धूल हटाएं मिनटों में, बिना खोले अपनाएं ये शानदार ट्रिक
दीवाली की सफाई में घर का हर कोना चमकाने की कोशिश होती है, लेकिन छत पर लगे पंखे अक्सर इस सफाई से छूट जाते हैं। वजह साफ है—ऊंचाई पर होने के कारण उनकी सफाई मुश्किल लगती है और ब्लेड पर जमी धूल हटाते समय नीचे फर्श और फर्नीचर भी गंदे हो सकते हैं। जबकि पंखे पर जमा धूल केवल दिखने में खराब नहीं लगती, बल्कि पंखा चलने पर उसके आसपास की सतहों पर भी फैल सकती है।
इस काम को आसान बनाने के लिए घर में मौजूद एक पुराना तकिए का कवर काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी मदद से पंखे के ब्लेड पर जमी सूखी धूल को नीचे फैलाए बिना हटाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए पंखे को खोलने या किसी महंगे सफाई उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती।
पुराना पिलोकेस बनेगा सफाई का आसान औजार
सबसे पहले पंखे का स्विच बंद करें और ब्लेड पूरी तरह रुकने दें। बेहतर सुरक्षा के लिए संबंधित बिजली सप्लाई भी बंद कर दें। अब एक पुराना तकिए का कवर लें और उसे पंखे के एक ब्लेड पर धीरे से चढ़ाएं।
कवर को ब्लेड के दोनों ओर से पकड़कर हल्के हाथों से अपनी तरफ खींचें। इस प्रक्रिया में ब्लेड पर जमी धूल कवर के अंदर ही जमा हो जाएगी। इसी तरह बाकी ब्लेड भी साफ कर लें। काम पूरा होने के बाद पिलोकेस को बाहर ले जाकर उल्टा करें और उसमें जमा धूल कूड़ेदान में डाल दें।
इस तरीके का फायदा यह है कि धूल सीधे नीचे गिरने के बजाय कपड़े के अंदर रहती है। हालांकि, सफाई के दौरान ब्लेड पर ज्यादा दबाव न डालें और पंखे पर चढ़ने के लिए अस्थिर कुर्सी या मेज का इस्तेमाल न करें। ऊंचाई तक सुरक्षित पहुंचना संभव न हो तो किसी दूसरे व्यक्ति या पेशेवर की मदद लेना बेहतर है।
चिकनाई जम गई हो तो केवल सूखी सफाई काफी नहीं
रसोई या उसके आसपास लगे पंखों पर धूल के साथ तेल और चिकनाई की परत भी जम सकती है। ऐसी गंदगी को सिर्फ सूखे कपड़े से हटाना मुश्किल होता है।
पहले सूखी धूल को पिलोकेस या मुलायम कपड़े से साफ करें। इसके बाद हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े पर थोड़ा सामान्य क्लीनर लगाकर ब्लेड को पोंछें। क्लीनर को सीधे पंखे पर स्प्रे न करें, क्योंकि तरल पदार्थ मोटर, वायरिंग या दूसरे इलेक्ट्रिकल हिस्सों तक पहुंच सकता है।
सफाई के बाद ब्लेड को सूखे कपड़े से पोंछें और पूरी तरह सूखने दें। जरूरत से ज्यादा पानी या तेज रसायनों का इस्तेमाल न करें। इससे पंखे की सतह और उसके इलेक्ट्रिकल हिस्सों को नुकसान पहुंचने का जोखिम हो सकता है।
सफाई करते समय इन गलतियों से बचें
पंखे की सफाई में जल्दबाजी करने के बजाय सुरक्षा और सावधानी को प्राथमिकता दें।
- सफाई शुरू करने से पहले पंखे का स्विच बंद करें और बिजली सप्लाई काट दें।
- ब्लेड को पकड़कर जोर से न खींचें और न ही उन पर वजन डालें।
- बहुत ज्यादा पानी या क्लीनर का इस्तेमाल न करें।
- ब्लेड पर जमी गंदगी को खुरचने के लिए धारदार वस्तु न लगाएं।
- सफाई के बाद पंखे को तभी चालू करें, जब सभी हिस्से पूरी तरह सूख चुके हों।
एक और जरूरी बात: पंखे के ब्लेड मुड़ने या उनका संतुलन बिगड़ने से पंखा चलते समय कंपन कर सकता है। इसलिए सफाई हमेशा हल्के हाथों से करें।
महीने में एक बार सफाई से घटेगी परेशानी
पंखे पर धूल की परत कितनी जल्दी जमती है, यह घर के वातावरण पर निर्भर करता है। जिन घरों में खिड़कियां अधिक खुली रहती हैं, आसपास निर्माण कार्य चलता है या पालतू जानवर हैं, वहां धूल तेजी से जमा हो सकती है।
सामान्य घरेलू परिस्थितियों में महीने में एक बार पंखे की जांच और जरूरत के अनुसार सफाई करना उपयोगी आदत हो सकती है। नियमित सफाई से मोटी धूल और चिकनाई की परत बनने से पहले ही उन्हें हटाया जा सकता है। इससे हर बार सफाई में लगने वाला समय और मेहनत भी कम होती है।
पंखा हिल रहा है या आवाज कर रहा है? वजह समझें
अगर सफाई के बाद भी पंखा चलते समय हिलता है, असामान्य आवाज करता है या उसकी हवा पहले से कम महसूस होती है, तो समस्या केवल धूल की नहीं हो सकती। ब्लेड का असंतुलन, ढीली फिटिंग, बेयरिंग या मोटर से जुड़ी खराबी भी इसकी वजह हो सकती है।
ऐसी स्थिति में पंखे को बार-बार चलाकर जांचने के बजाय बिजली बंद रखें और तकनीशियन से निरीक्षण कराएं। केवल सफाई से हर तकनीकी समस्या ठीक नहीं होती।
दीवाली की तैयारी में छत के पंखों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी नियमित देखभाल करें। पुराना पिलोकेस जैसी छोटी घरेलू तरकीब सफाई को आसान बना सकती है, लेकिन सुरक्षित तरीके और सही सावधानियां अपनाना सबसे जरूरी है।




