एक अहम मुद्दे पर सरकार का आधा-अधूरा फैसला अब नई Controversy की वजह बन गया है। मामले में पहले ही Supreme Court of India ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर फैसले को लागू करने में देरी कर रही है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष अदालत की टिप्पणी के बाद सरकार को तुरंत स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिए गए हैं, ज़मीनी स्तर पर बदलाव दिखाई नहीं दे रहा। इस स्थिति ने प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है।
read also: Vijay-Rashmika Wedding Live: तेलुगु रीति-रिवाज से रचाई शादी, शाम को होगा पारंपरिक कोडावा विवाह
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो यह मुद्दा आने वाले समय में सरकार के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अदालत के निर्देशों का पालन कब और किस तरह करती है।


