भारत की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना को लेकर चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। चीन का आरोप है कि भारत की बैटरी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़ी PLI स्कीम वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन करती है और इससे विदेशी कंपनियों के साथ भेदभाव होता है।
चीन का कहना है कि भारत ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के नाम पर ऐसी शर्तें रखी हैं, जो विदेशी कंपनियों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसके तहत स्थानीय विनिर्माण और घरेलू सामग्री के उपयोग को अनिवार्य किया गया है, जिसे चीन ने WTO के गैर-भेदभाव सिद्धांत के खिलाफ बताया है।
भारत ने 2021 में ईवी और एडवांस केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी निर्माण के लिए PLI योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। इस योजना के तहत कंपनियों को स्थानीय उत्पादन के आधार पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, चीन का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में चीनी निवेश और तकनीकी साझेदारी पर सख्त नियंत्रण लगाए हैं। WTO में शिकायत दर्ज कराना दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक और तनावपूर्ण मोड़ ला सकता है।
भारत सरकार ने इस मामले पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की PLI योजनाएं घरेलू उद्योग को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के दायरे में हैं।


