राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी इस बार दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी। झांकी में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक दिखाई गई, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। आधुनिक तकनीक और परंपरा के अनोखे संगम ने छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
झांकी में डिजिटल माध्यम से जनजातीय कला, इतिहास और संस्कृति को दर्शाया गया, जिससे यह संदेश गया कि छत्तीसगढ़ न सिर्फ अपनी परंपराओं को सहेज रहा है, बल्कि तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे भी बढ़ रहा है। एलईडी विजुअल्स और जीवंत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया और तालियों की गूंज सुनाई दी।
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विशेषज्ञों और दर्शकों ने झांकी की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी छत्तीसगढ़ की इस प्रस्तुति की खूब चर्चा हो रही है। राज्य की यह झांकी न केवल सौंदर्य और नवाचार का प्रतीक बनी, बल्कि “डिजिटल इंडिया” की सोच को भी मजबूती से दर्शाने में सफल रही।






