छत्तीसगढ़ में शिक्षा से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी स्कूलों की फीस बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि बढ़ती प्रशासनिक लागत, स्कूलों के रखरखाव और नई सुविधाओं को लागू करने के लिए फीस में संशोधन जरूरी था।
नई फीस संरचना लागू होने के बाद कई जिलों से अभिभावकों की नाराजगी सामने आ रही है। पैरेंट्स का कहना है कि सरकारी स्कूलों को इसलिए चुना जाता है क्योंकि यहां पढ़ाई कम खर्च में होती है, लेकिन अब फीस बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कई अभिभावक संगठनों ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग भी उठाई है।
वहीं शिक्षा विभाग का दावा है कि बढ़ी हुई फीस से स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाएं और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए राहत योजनाएं जारी रहेंगी, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अभिभावकों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।






