छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और भाजपा विधायक Dharamlal Kaushik के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कार्यक्रम में शासन, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के तर्कों का जोरदार जवाब दिया, जिससे कार्यक्रम का माहौल राजनीतिक रंग में रंग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस की शुरुआत प्रदेश में विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर हुई। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए, जबकि धरमलाल कौशिक ने सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोकझोंक ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
हालांकि कार्यक्रम का उद्देश्य सुशासन और जनसरोकारों पर चर्चा करना था, लेकिन नेताओं के बीच हुई तीखी बहस राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए ऐसे मंचों पर पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की घटनाएं आगे भी देखने को मिल सकती हैं। कार्यक्रम के बाद इस बहस की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है।


