छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो के सरेंडर करने की खबर सामने आई। नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि विधायक जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला कुछ दिनों पहले का है जब राजस्व विभाग की टीम सरकारी कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और नायब तहसीलदार के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना हुई। घटना के बाद प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले को लेकर विपक्ष भी लगातार सरकार और बीजेपी पर निशाना साध रहा है।
वहीं बीजेपी की ओर से पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रामकुमार टोप्पो कब और किस तरह से सरेंडर करते हैं तथा आगे इस मामले में कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।


