दुर्ग : जिले में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। करीब 15 साल बाद होने वाली इस जनगणना को इस बार पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशिक्षण के दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवार और व्यक्तियों की गणना के लिए आयोजित किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए जिले में 3,850 प्रगणक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनके मार्गदर्शन के लिए 79 फील्ड ट्रेनर तैनात हैं।
ज्वेलरी दुकान में फर्जी गहनों से धोखाधड़ी का प्रयास नाकाम
प्रत्येक प्रगणक को लगभग 700 से 800 लोगों या 250 से 300 परिवारों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है। 11 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है, जिसमें 1109 प्रशिक्षकों को अलग-अलग बैच में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई जोन-4, जामुल और दुर्ग, धमधा, पाटन व अहिवारा तहसीलों में आयोजित किया जा रहा है।
फर्जी व्हाट्सएप मैसेज से ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों को ठगने का प्रयास
इस अभियान में शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, ट्राइबल और महिला-बाल विकास विभाग के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। इस बार डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से होगा, जिसमें प्रगणकों को डेटा एंट्री, मैप सत्यापन और सिंकिंग की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। नागरिकों को 16 से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


