बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से सटे कोटा ब्लॉक के दवनपुर गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। शनिवार सुबह अपने खेत में खाद डाल रहे एक किसान पर बाघिन ने अचानक हमला बोल दिया। हमले में किसान के बाएं पैर, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की सूझबूझ ने उसकी जान बचा ली।
कैसे हुआ हमला?
दवनपुर गांव निवासी किसान संजू मरकाम शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपने खेत में खाद डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान धान के पौधों के बीच छिपी बाघिन अचानक उनके सामने आ गई और बिना किसी चेतावनी के हमला बोल दिया। संभलने का मौका मिलने से पहले ही बाघिन ने किसान पर पंजों से वार करना शुरू कर दिया।
तसले से किया पलटवार, बची जान
हमले की गंभीरता को देखते हुए किसान ने हिम्मत नहीं हारी। पास ही खाद डालने के लिए रखे लोहे के तसले को उठाकर उन्होंने बाघिन के सिर पर जोरदार वार किया। इस अप्रत्याशित पलटवार से बाघिन कुछ पल के लिए पीछे हटी, जिसका फायदा उठाकर किसान वहां से हटने में सफल रहे। इस सूझबूझ ने उनकी जान बचाई, हालांकि हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल किसान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
20 दिन में दूसरी बड़ी घटना
यह इलाके में बीते 20 दिनों के भीतर बाघ के हमले की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 24 अगस्त को लोरमी क्षेत्र के लक्ष्मण डोंगरी के पास जंगल में पुटू (एक प्रकार का जंगली कंदमूल) तोड़ने गए बांधा गांव निवासी धर्मजीत धृतलहरे नामक युवक पर भी बाघिन ने हमला किया था। उस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी।
गांवों में दहशत, वन विभाग की सर्चिंग तेज
ताजा घटना के बाद दवनपुर सहित आसपास के गांवों, जैसे पीपरखुंटी, में ग्रामीणों में डर का माहौल है। अचानकमार टाइगर रिजर्व और उससे सटे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिसके चलते खेतों और जंगल की ओर आने-जाने वाले ग्रामीण खौफ में हैं। घटना के बाद वन विभाग की टीमों ने क्षेत्र में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है, ताकि बाघिन की लोकेशन का पता लगाया जा सके और आगे किसी अनहोनी को रोका जा सके।
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