बिहार के मिथिला और मिथिलांचल क्षेत्र के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष लगाव एक बार फिर चर्चा में है। पीएम मोदी कई अवसरों पर मैथिली भाषा, मिथिला की समृद्ध संस्कृति और यहां की परंपराओं के प्रति अपना सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुके हैं। यही कारण है कि यह क्षेत्र उनके लिए राजनीतिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक—तीनों स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधनों में अनेक बार मैथिली साहित्य, लोककला और मिथिला पेंटिंग की वैश्विक पहचान की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश का गौरव है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जनकपुर से जुड़ी पौराणिक परंपराओं और सीता माता के जन्मस्थल के कारण इस क्षेत्र को विशेष महत्व देने की बात कही है।
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ए केंद्र की मंजूरियों—को भी पीएम मोदी की पहल से जोड़कर देखा जाता है। स्थानीय लोग मानते हैं कि मिथिला के प्रति प्रधानमंत्री का यह विशेष जुड़ाव क्षेत्र के लिए विकास की नई संभावनाएं खोल रहा है।
कुल मिलाकर, मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर और पीएम मोदी के व्यक्तिगत जुड़ाव ने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय फोकस में ला दिया है, जो यहां के लोगों के लिए सम्मान और गर्व का विषय है।


