Sawan 2026: आज यानी 30 जुलाई से पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो गई है. इसके साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में जलाभिषेक और भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी. सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए अयोध्या, काशी और दूसरे प्रमुख शिवधामों की ओर रवाना हो रहे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
अयोध्या में कांवड़ियों के लिए शेड, पानी और सफाई की पूरी व्यवस्था
अयोध्या नगर निगम ने सावन मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे शहर में खास इंतजाम किए हैं.नगर निगम की टीमें पूरे मेले के दौरान लगातार सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी.
- श्रद्धालुओं के लिए सफाई, पीने के पानी और जरूरी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है.
- बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के चार प्रमुख स्थानों पर वाटरप्रूफ शेड बनाए गए हैं, ताकि तेज बारिश होने पर कांवड़िए वहां सुरक्षित रुक सकें.
सरयू जल से होगा जलाभिषेक, फिर शुरू होगा झूला उत्सव
सावन के पहले 15 दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर मां सरयू से पवित्र जल भरेंगे और कांवड़ लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. अयोध्या में भगवान राम के पुत्रों द्वारा स्थापित माने जाने वाले नागेश्वर धाम में भी विशेष जलाभिषेक होगा. इसके बाद सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया से मणि पर्वत पर प्रसिद्ध झूला उत्सव की शुरुआत होगी. इस दौरान शहर के कई मंदिरों में भगवान को झूले पर विराजमान किया जाएगा और श्रद्धालु उन्हें झुलाने का पुण्य प्राप्त करेंगे.
काशी विश्वनाथ धाम में 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इस बार सावन में लगभग 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग, लंबी कतारों में छांव की व्यवस्था, ग्लूकोज और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
- सावन के पहले और हर सोमवार को श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी. इसके अलावा मंदिर के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव दर्शन की सुविधा भी मिलेगी.
भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन पर रोक, पॉलीथिन पूरी तरह बैन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए फिलहाल वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. भीड़ सामान्य होने पर ही इन व्यवस्थाओं को दोबारा शुरू किया जाएगा. मंदिर प्रशासन ने साफ कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम में पॉलीथिन पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसलिए बाहर से आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक या पॉलीथिन में कांवड़ का जल लेकर न आएं. सभी भक्तों से पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है.
कांवड़िए यात्रा के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान
अगर आप सावन में कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं तो प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन जरूर करें.
- काशी विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक या पॉलीथिन में जल लेकर न जाएं.
- भीड़ वाले स्थानों पर निर्धारित कतार में ही आगे बढ़ें और बैरिकेडिंग का पालन करें.
- बारिश के मौसम को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रशासन की ओर से बनाए गए वाटरप्रूफ शेड का उपयोग करें.
- शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर पानी या ग्लूकोज लेते रहें.
सबसे जरूरी बात किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे.






