Asian Games 2026: निराशा के बाद Suruchi Singh -कमलजीत ने रचा इतिहास, भारत को मिला दूसरा गोल्ड
नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग टीम को जिस स्वर्ण पदक का इंतजार था, वह शुक्रवार को एक ऐसे जोड़ीदार ने दिलाया जिसे आखिरी समय में साथ उतारा गया था। सुरुची सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया।
भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए और दक्षिण कोरिया की चू गाउन-होंग सुह्योन की जोड़ी को 6.6 अंकों से पीछे छोड़ा। भारतीय जोड़ी का यह प्रदर्शन एशियाई रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज हुआ। क्वालिफिकेशन में भी सुरুচी और कमलजीत ने 587 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।
इस स्वर्ण के साथ भारत ने Aichi-Nagoya Asian Games में अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक जीता था।
जिनके हाथ व्यक्तिगत मुकाबलों में खाली रहे, वही बने टीम के चैंपियन
इस जीत की खासियत सिर्फ पदक नहीं, बल्कि दोनों निशानेबाजों की हालिया स्थिति भी है।
सुरुची सिंह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। कमलजीत भी पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में फाइनल से महज एक कदम दूर रह गए थे और नौवें स्थान पर रहे थे।
ऐसे में मिक्स्ड टीम इवेंट उनके लिए दूसरा मौका था। इस बार दोनों ने व्यक्तिगत प्रदर्शन की निराशा को पीछे छोड़ते हुए एक साथ निशाना साधा और भारत को सीधे पोडियम के सबसे ऊपरी पायदान तक पहुंचा दिया।
क्वालिफिकेशन में उनका 587 का स्कोर मौजूदा एशियाई रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला प्रदर्शन था।
मिक्स्ड टीम फॉर्मेट ने बदली तस्वीर
शूटिंग के मिक्स्ड टीम इवेंट में व्यक्तिगत मुकाबलों से अलग चुनौती होती है। यहां एक खिलाड़ी की खराब सीरीज का असर पूरी जोड़ी के स्कोर पर पड़ता है। इसलिए निशाने की सटीकता के साथ मानसिक स्थिरता और साथी के प्रदर्शन के अनुरूप अपनी लय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
सुरुची और कमलजीत ने फाइनल में शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। अंत में भारत का 484.6 का स्कोर दक्षिण कोरिया से 6.6 अंक आगे रहा।
यह प्रदर्शन बताता है कि शूटिंग में सिर्फ व्यक्तिगत फॉर्म ही निर्णायक नहीं होता। सही जोड़ी और प्रतियोगिता के प्रारूप के अनुरूप प्रदर्शन करने की क्षमता भी परिणाम बदल सकती है।
भारत की शूटिंग में गोल्ड का इंतजार हुआ खत्म
Aichi-Nagoya Games में भारतीय निशानेबाजों ने शुरुआत से ही पदक जुटाए थे, लेकिन स्वर्ण पदक की कमी महसूस हो रही थी। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में भारत ने शूटिंग में कई रजत और कांस्य पदक जीते थे।
मिक्स्ड टीम का यह स्वर्ण उस सिलसिले को बदलने वाला परिणाम रहा। खास बात यह है कि यह सफलता 10 मीटर एयर पिस्टल जैसे इवेंट में आई, जहां भारत को प्रतियोगिता के पहले व्यक्तिगत और टीम मुकाबलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे।
यानी उसी डिसिप्लिन में, जिसमें कुछ दिन पहले भारतीय निशानेबाज पदक से चूक रहे थे, मिक्स्ड टीम ने सबसे बड़ा पदक हासिल किया।
दूसरी तरफ राइफल टीम ने जीता सिल्वर
इसी दिन भारत के लिए शूटिंग रेंज से एक और पदक आया। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में रजत पदक जीता।
भारतीय टीम ने घुटने के बल और लेटकर निशाना लगाने वाले चरणों के बाद मजबूत स्थिति बनाई थी। लेकिन अंतिम स्टैंडिंग पोजीशन में प्रदर्शन कमजोर हुआ और चीन ने बढ़त हासिल कर ली।
चीन ने 1,766 अंकों के साथ स्वर्ण जीता, जबकि भारत चार अंक पीछे रहकर रजत पदक पर रहा।
स्टैंडिंग पोजीशन को इस स्पर्धा का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है क्योंकि इसमें निशानेबाज को बिना स्थिर सहारे राइफल को नियंत्रित करना पड़ता है। दबाव के अंतिम चरण में छोटी-छोटी गलतियां भी कुल स्कोर में बड़ा अंतर पैदा कर सकती हैं।
अब व्यक्तिगत फाइनल पर नजर
50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में भारत के लिए मुकाबला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार के पास व्यक्तिगत फाइनल में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका रहेगा।
यही वजह है कि भारतीय शूटिंग दल के लिए शुक्रवार का दिन केवल दो पदकों तक सीमित नहीं है। एक तरफ मिक्स्ड टीम में गोल्ड ने आत्मविश्वास बढ़ाया है, वहीं राइफल टीम का सिल्वर यह भी दिखाता है कि पदक के साथ-साथ अंतिम चरण में दबाव संभालने पर काम करने की जरूरत बनी हुई है।
भारत के अभियान के लिए क्यों अहम है यह गोल्ड?
इस स्वर्ण की अहमियत पदक तालिका से आगे भी है। सुरुची और कमलजीत की जीत यह दिखाती है कि किसी बड़े टूर्नामेंट में एक खराब व्यक्तिगत परिणाम पूरे अभियान का अंत नहीं होता।
एक ही खिलाड़ी अलग प्रारूप में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है और नई जोड़ी नई रणनीति के साथ परिणाम बदल सकती है। भारतीय शूटिंग के लिए यह गहराई महत्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले दिनों में अलग-अलग स्पर्धाओं में इस



