Asian Games 2026: एलावेनिल वलारिवन का गोल्ड से 0.6 अंक का फासला, 10 मीटर एयर राइफल में जीता सिल्वर
नई दिल्ली। भारत की अनुभवी निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतकर एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित की। फाइनल में उनका कुल स्कोर 252.4 रहा, जबकि जापान की ताइची हिनाता ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया की बान ह्यो-जिन ने कांस्य पदक जीता। स्वर्ण और रजत के बीच अंतर सिर्फ 0.6 अंक रहा।
यह परिणाम इसलिए भी खास है क्योंकि एलावेनिल के लिए यह प्रतियोगिता का दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत को रजत दिलाया था। भारतीय टीम ने 1898.0 अंक बनाए थे, जबकि चीन ने स्वर्ण और जापान ने कांस्य पदक जीता।
आखिरी दौर तक स्वर्ण की दौड़ में कायम रहीं
10 मीटर एयर राइफल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला अक्सर बेहद छोटे अंतर से तय होता है। फाइनल में एलावेनिल का प्रदर्शन इसी बात का उदाहरण रहा। वह पूरे मुकाबले में पदक की स्थिति में बनी रहीं और अंतिम चरण तक स्वर्ण के लिए चुनौती पेश करती रहीं। आखिर में 0.6 अंक का अंतर उनके और जापानी निशानेबाज के बीच निर्णायक साबित हुआ।
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शूटिंग जैसे खेल में यह अंतर किसी बड़ी विफलता का संकेत नहीं होता। हर शॉट का स्कोर अंतिम परिणाम पर असर डालता है और फाइनल में दबाव बढ़ने के साथ तकनीकी स्थिरता, सांस पर नियंत्रण तथा मानसिक अनुशासन उतने ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं जितना कि निशाने की सटीकता। एलावेनिल का पदक इस लिहाज से भारत की शूटिंग टीम के लिए सकारात्मक संकेत है।
टीम इवेंट के बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक
एलावेनिल ने पहले टीम स्पर्धा में मजबूत योगदान दिया और फिर व्यक्तिगत फाइनल तक पहुंचकर अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखी। टीम स्पर्धा में उन्होंने 633.5 का क्वालिफिकेशन स्कोर बनाया था और व्यक्तिगत फाइनल में भी पदक हासिल किया। सोनम मस्कर भी व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचीं और छठे स्थान पर रहीं।
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इस प्रदर्शन से भारत को 10 मीटर एयर राइफल में केवल एक पदक नहीं मिला, बल्कि यह भी दिखा कि महिला निशानेबाजों की भारतीय टीम में एक से अधिक खिलाड़ियों के पास शीर्ष स्तर पर मुकाबला करने की क्षमता है।
भारत की शूटिंग मुहिम को मिला शुरुआती सहारा
एशियन गेम्स में शूटिंग भारत के पारंपरिक मजबूत खेलों में शामिल रही है। इस बार प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में ही महिला एयर राइफल टीम का रजत और फिर एलावेनिल का व्यक्तिगत रजत भारतीय अभियान के लिए महत्वपूर्ण शुरुआत बन गया है।
इस तरह के परिणामों का असर आगे की स्पर्धाओं पर भी पड़ सकता है। शुरुआती पदक खिलाड़ियों और टीम के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, जबकि कोचिंग स्टाफ को यह संकेत भी मिलता है कि किस तकनीक और तैयारी से अंतरराष्ट्रीय फाइनल में प्रतिस्पर्धा की जा सकती है।
0.6 अंक की हार नहीं, आगे की चुनौती का संकेत
एलावेनिल के लिए इस फाइनल का सबसे बड़ा संदेश यह है कि वह स्वर्ण पदक के स्तर से बहुत दूर नहीं थीं। 0.6 अंक का अंतर बताता है कि शीर्ष स्तर पर मुकाबला कितना करीबी है और भविष्य में छोटे तकनीकी सुधार भी पदक का रंग बदल सकते हैं।



