एशिया पावर इंडेक्स 2025 में भारत ने उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए अपनी सैन्य शक्ति रैंकिंग को और मजबूत किया है। हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की रक्षा क्षमता, रणनीतिक तैयारी और क्षेत्रीय प्रभावशीलता को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित किया है। रिपोर्ट में भारत को ‘मेजर पावर’ श्रेणी में स्थान दिया गया है, जहां उसने जापान और रूस जैसे देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
एशिया पावर इंडेक्स के अनुसार, भारत की स्ट्रैटेजिक कैपेबिलिटी, मिलिट्री रिसोर्सेज, कॉम्बैट रेडीनेस और रक्षा सहयोग का दायरा पिछले वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है।
ऑपरेशन सिंदूर, जिसे भारत की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और अंतर-सेवा समन्वय की बड़ी सफलता माना जा रहा है, ने भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में एक निर्णायक खिलाड़ी के रूप में उभारा है।
रिपोर्ट में सैन्य शक्ति के मामले में भारत ने—जापान , रूस को पछाड़ते हुए उच्च रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि भारतीय नौसेना, वायुसेना और थलसेना की संयुक्त क्षमता में तेजी से हुए विस्तार को दर्शाती है।
रक्षा बजट में निरंतर वृद्धि , स्वदेशी हथियार प्रणालियों की मजबूती (तेजस, अग्नि, आकाश जैसे प्रोजेक्ट) , समुद्री सुरक्षा में बेहतर उपस्थिति , दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ता प्रभाव , ऑपरेशन सिंदूर जैसी हाई-स्केल मिशन तैयारियां |
इंडेक्स के अनुसार, भारत अब चीन और अमेरिका के बाद एशिया में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में उसकी भूमिका अधिक प्रभावशाली हो गई है।रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता ही नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक सोच और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती विश्वसनीयता को भी दर्शाती है।एशिया पावर इंडेक्स 2025 में मिली यह रैंकिंग भारत के लिए वैश्विक मंच पर शक्ति संतुलन का नया अध्याय साबित हो रही है।


