अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में रचा इतिहास
नई दिल्ली। अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरे टी20 मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण कोई लंबी साझेदारी या आखिरी ओवर का रोमांच नहीं, बल्कि अभिषेक शर्मा की ऐसी बल्लेबाजी रही जिसने भारतीय टी20 क्रिकेट का एक पुराना रिकॉर्ड ही बदल दिया। बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में शतक पूरा कर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के 2017 में बनाए 35 गेंदों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अभिषेक ने शतक तक पहुंचने के दौरान गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। उनकी पूरी पारी 34 गेंदों में 108 रन पर समाप्त हुई, जिसमें 9 चौके और 11 छक्के शामिल रहे। यानी 100 तक पहुंचने के बाद भी उन्होंने रफ्तार कम नहीं की। उनका स्ट्राइक रेट 300 के पार रहा, जो इस पारी की आक्रामकता को दिखाता है।
शुरुआत धीमी, फिर गेंदबाजों पर टूट पड़े
इस पारी की खासियत केवल शतक की रफ्तार नहीं थी, बल्कि अभिषेक का मैच के शुरुआती हिस्से में तेजी से गियर बदलना भी था। उन्होंने अपना अर्धशतक महज 16 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद अगले 14 गेंदों में 51 रन जोड़कर 100 का आंकड़ा पार कर लिया। यही चरण बताता है कि उन्होंने सिर्फ बड़े शॉट नहीं लगाए, बल्कि गेंदबाजों के खिलाफ लगातार सही मैचअप तलाशे।
उनके साथ संजू सैमसन ने भी पारी को गति दी। नतीजा यह रहा कि भारत ने पहले छह ओवर पूरे होने तक बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए। यह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बना। उस समय अभिषेक 22 गेंदों में 76 और सैमसन 14 गेंदों में 24 रन बनाकर खेल रहे थे।
रोहित का रिकॉर्ड टूटा, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं
रोहित शर्मा ने दिसंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों में टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाया था। करीब नौ साल तक भारतीय रिकॉर्ड उनके नाम रहा। अभिषेक ने उसे पांच गेंद से बेहतर कर दिया। इतना ही नहीं, 30 गेंद का यह शतक किसी Test-playing nation के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक भी बन गया।
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल की सगाई खत्म, सोशल मीडिया पोस्ट से दी रिश्ते के अंत की जानकारी
हालांकि वैश्विक सूची में अभिषेक अभी सबसे ऊपर नहीं हैं। एस्टोनिया के साहिल चौहान ने 2024 में साइप्रस के खिलाफ 27 गेंदों में और तुर्की के मोहम्मद फहाद ने 2025 में 29 गेंदों में शतक बनाया था। इसलिए अभिषेक का रिकॉर्ड विशेष रूप से भारत और Full Member देशों के संदर्भ में ऐतिहासिक है।
भारत के टी20 भविष्य के लिए बड़ा संकेत
इस पारी का महत्व सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। आधुनिक टी20 क्रिकेट में पावरप्ले के छह ओवर मैच की दिशा तय करने लगे हैं और अभिषेक जैसी बल्लेबाजी टीम को शुरुआत से ही मैच की शर्तें तय करने का मौका देती है। भारत के लिए यह विकल्प इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आक्रामक शुरुआत के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी करने वाला सलामी बल्लेबाज विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति को तुरंत बदलने पर मजबूर कर सकता है।
अभिषेक का प्रदर्शन यह भी दिखाता है कि भारतीय टीम के पास अब शीर्ष क्रम में ऐसा बल्लेबाजी विकल्प मौजूद है जो पहली गेंद से जोखिम लेकर विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता रखता है। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों से पहले ऐसी पारियां टीम प्रबंधन को संयोजन चुनने के लिए एक मजबूत संकेत जरूर देती हैं।



