भारत और रूस के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों में एक नया मोड़ आने वाला है। मॉस्को ने चेन्नई कॉरिडोर परियोजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है, जिसे दोनों देशों के बीच व्यापार और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला “गेमचेंजर” बताया जा रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए भारत और रूस के बीच माल और तकनीकी सहयोग में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि चेन्नई कॉरिडोर के जरिए रूस से भारत आने वाले कच्चे माल, मशीनरी और ऊर्जा संसाधनों का संचालन और अधिक कुशल और तेज हो जाएगा। वहीं, भारत से रूस जाने वाले उत्पादों के लिए भी यह मार्ग समय और लागत की दृष्टि से लाभकारी होगा। परियोजना से दोनों देशों के व्यापारिक और औद्योगिक गठजोड़ को भी मजबूती मिलेगी।
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मॉस्को ने यह स्पष्ट किया कि चेन्नई कॉरिडोर केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक महत्व का भी है। इससे न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भारत और रूस की भूमिका और मजबूत होगी। दोनों देशों ने कॉरिडोर के जल्द पूरी होने और संचालन में तेजी लाने के लिए सहयोग का संकल्प भी लिया है।


