Diwali Special: दिवाली की रात जरूर बनाएं सूरन की सब्जी, मां लक्ष्मी से जुड़ी है बरकत की खास परंपरा
दिवाली का त्योहार सिर्फ दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और घर सजाने तक सीमित नहीं है। भारतीय परिवारों में इस पर्व से जुड़ी कई ऐसी खानपान की परंपराएं भी हैं, जिनका संबंध सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से जुड़ा हुआ है। ऐसी ही एक खास परंपरा है दिवाली की रात सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी बनाने की। कई परिवारों में इसे बरकत और मां लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक माना जाता है।
सूरन जमीन के भीतर उगने वाली सब्जी है। इसका आकार और इसकी दोबारा उगने की क्षमता इसे लोक मान्यताओं में विशेष स्थान दिलाती है। कुछ पारंपरिक मान्यताओं में इसे निरंतर बढ़ती समृद्धि और घर में अन्न-धन की बरकत से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वास है, कोई प्रमाणित धार्मिक नियम नहीं।
दिवाली के पकवानों के बीच सूरन की मसालेदार सब्जी स्वाद के साथ परंपरा का भी अनुभव कराती है। अगर आप इस बार दिवाली के भोजन में कुछ पारंपरिक और खास बनाना चाहते हैं, तो इसकी रेसिपी जान लीजिए।
सूरन की सब्जी के लिए जरूरी सामग्री
लगभग 4 लोगों के लिए आपको इन सामग्रियों की जरूरत होगी:
- सूरन या जिमीकंद – 500 ग्राम
- सरसों का तेल – जरूरत के अनुसार
- टमाटर – 2 मध्यम आकार के
- लहसुन – 6 से 8 कलियां
- हरी मिर्च – 3
- पीली सरसों – 1 चम्मच
- जीरा – 1 चम्मच
- साबुत धनिया – आधा चम्मच
तड़के और मसालों के लिए:
- राई – 1 चम्मच
- मेथी दाना – ¼ चम्मच
- हींग – ¼ चम्मच
- साबुत लाल मिर्च – 2
- कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
- हल्दी – 1 चम्मच
- अमचूर पाउडर – आधा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
घर पर ऐसे तैयार करें मसालेदार सूरन की सब्जी
1. सबसे पहले सूरन को साफ करके काटें
जिमीकंद को अच्छी तरह धोकर मिट्टी साफ कर लें। इसके बाद हाथों में तेल लगाकर इसका छिलका उतारें और मध्यम आकार के टुकड़े काट लें। सूरन काटते समय हाथों में खुजली हो सकती है, इसलिए दस्ताने पहनना भी अच्छा विकल्प है।
2. टुकड़ों को हल्का फ्राई करें
कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और सूरन के टुकड़ों को मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें। इन्हें पूरी तरह पकाने की जरूरत नहीं है। लगभग 70 प्रतिशत तक पकने के बाद निकालकर अलग रख दें।
3. तैयार करें खास मसालेदार पेस्ट
मिक्सर में टमाटर, लहसुन, हरी मिर्च, पीली सरसों, जीरा और साबुत धनिया डालें। थोड़ा पानी मिलाकर दरदरा या बारीक पेस्ट तैयार कर लें। यही मसाला सब्जी को गहरा स्वाद और खुशबू देगा।
4. तड़के के साथ पकाएं सूरन
अब दूसरी कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें राई, मेथी दाना, हींग और साबुत लाल मिर्च डालें। तड़का चटकने लगे तो तैयार मसाला पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें।
इसके बाद हल्दी और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। मसाले से तेल अलग होने लगे तो इसमें पहले से फ्राई किए हुए सूरन के टुकड़े डाल दें। कुछ मिनट मसालों के साथ पकाने के बाद आवश्यकतानुसार पानी मिलाएं।
5. अमचूर और हरे धनिये से दें अंतिम स्वाद
अब नमक और अमचूर पाउडर डालकर सब्जी को धीमी आंच पर पकने दें। ध्यान रखें कि सूरन अंदर तक अच्छी तरह नरम और पका हुआ होना चाहिए। ग्रेवी अपनी पसंद के अनुसार गाढ़ी या थोड़ी पतली रख सकते हैं।
आखिर में बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। आपकी स्वादिष्ट मसालेदार सूरन की सब्जी तैयार है।
पूड़ी से लेकर चावल तक, हर चीज के साथ लगेगी स्वादिष्ट
इस सब्जी का तीखा, खट्टा और मसालेदार स्वाद दिवाली के पारंपरिक भोजन को खास बना सकता है। इसे गरमा-गरम पूड़ी, पराठे या घी लगी रोटी के साथ परोस सकते हैं। अगर ग्रेवी थोड़ी पतली रखी जाए तो चावल के साथ भी इसका स्वाद अच्छा लगता है।
दिवाली पर सूरन खाने की परंपरा के पीछे क्या है खास वजह?
सूरन को लेकर प्रचलित लोक मान्यताओं में इसकी एक खास विशेषता को समृद्धि से जोड़ा जाता है। यह जमीन के नीचे उगता है और एक बार लगाने के बाद अनुकूल परिस्थितियों में दोबारा विकसित हो सकता है। इसी वजह से कुछ क्षेत्रों में इसे ऐसी बरकत का प्रतीक माना जाता है, जो लगातार बनी रहे।
दिवाली पर इस सब्जी को बनाने का चलन हर परिवार और क्षेत्र में एक जैसा नहीं है। कहीं इसे विशेष पकवान के रूप में बनाया जाता है, तो कहीं सामान्य भोजन का हिस्सा माना जाता है।
खाने के लिहाज से भी सूरन में फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, इसे हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए। अधपका सूरन मुंह और गले में खुजली या जलन पैदा कर सकता है।
दिवाली का असली आनंद ऐसी ही छोटी-छोटी परंपराओं में छिपा है, जहां स्वाद, परिवार और सांस्कृतिक मान्यताएं एक साथ जुड़ती हैं। इस बार मिठाइयों और दूसरे पकवानों के साथ सूरन की मसालेदार सब्जी भी आपकी थाली का हिस्सा बन सकती है।




