Sakti Paddy Procurement 2026: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, जानें टोकन और समर्थन मूल्य की पूरी जानकारी
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। सक्ती जिले के किसानों के लिए इस बार खरीदी व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव और सुविधाएं देखने को मिलेंगी। धान बेचने के लिए किसानों को अब टोकन के लिए समिति कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे टोकन प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
जिले में 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। वहीं, किसान 10 नवंबर से ही टोकन जारी करा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य खरीदी केंद्रों में भीड़ कम करना, किसानों का समय बचाना और धान विक्रय की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
129 केंद्रों पर होगी खरीदी, तीन नए केंद्र भी शुरू
सक्ती जिले में किसानों की सुविधा के लिए इस बार खरीदी केंद्रों का दायरा बढ़ाया गया है। जिले की 96 सहकारी समितियों के अंतर्गत कुल 129 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की व्यवस्था की गई है। इनमें तीन नवीन उपार्जन केंद्र भी शामिल हैं।
नए केंद्र खुलने से उन क्षेत्रों के किसानों को राहत मिल सकती है, जिन्हें पहले धान बेचने के लिए अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। हालांकि, केंद्रों की संख्या बढ़ने के साथ वहां पर्याप्त कर्मचारी, तौल मशीन, बारदाना, भंडारण और परिवहन की व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होगा।
धान खरीदी की सफलता केवल केंद्रों की संख्या से तय नहीं होगी, बल्कि इस बात से भी तय होगी कि किसानों को बिना अनावश्यक इंतजार के अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है या नहीं।
धान का समर्थन मूल्य कितना मिलेगा?
इस खरीफ सीजन में धान की दोनों प्रमुख श्रेणियों के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
- धान कॉमन: 2,441 रुपये प्रति क्विंटल
- धान ग्रेड-A: 2,461 रुपये प्रति क्विंटल
- अधिकतम खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़, लिंकिंग सहित
प्रति एकड़ निर्धारित खरीदी सीमा का ध्यान रखना किसानों के लिए बेहद जरूरी है। उन्हें अपनी पंजीकृत भूमि और निर्धारित पात्रता के अनुसार ही धान विक्रय की योजना बनानी चाहिए।
समर्थन मूल्य किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए सरकारी खरीदी व्यवस्था उनकी कृषि आय और अगली फसल की तैयारी से सीधे जुड़ी होती है।
10 नवंबर से टोकन, घर बैठे मिलेगा ऑनलाइन नंबर
इस बार किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए तुंहर टोकन मोबाइल ऐप की सुविधा दी गई है। पंजीकृत किसान गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर ओटीपी आधारित पंजीयन के बाद ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
किसान अपनी सुविधा के अनुसार आगामी दो महीने की अवधि में किसी भी दिन के लिए टोकन लेने का विकल्प चुन सकेंगे। धान की मात्रा भी किसान स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
टोकन जारी करने की व्यवस्था में प्रतिदिन की खरीदी क्षमता का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सहकारी समिति के जरिए जारी किया जाएगा।
इससे डिजिटल सुविधा का उपयोग करने वाले किसानों को घर बैठे टोकन लेने का अवसर मिलेगा, जबकि जिन किसानों को ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी होती है, उनके लिए समिति के माध्यम से टोकन लेने का विकल्प भी रहेगा।
छोटे किसानों को टोकन में मिलेगी प्राथमिकता
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। ऐप के माध्यम से जारी होने वाले कुल टोकन में 80 प्रतिशत हिस्सा लघु और सीमांत किसानों के लिए तथा 20 प्रतिशत हिस्सा बड़े किसानों के लिए निर्धारित किया गया है।
भूमि के आधार पर टोकन की व्यवस्था इस प्रकार है:
- 2 एकड़ तक भूमि वाले लघु किसान: 1 टोकन
- 2 एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत किसान: 2 टोकन
- 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसान: 3 टोकन
इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे किसानों को खरीदी प्रक्रिया में पर्याप्त अवसर देना है। हालांकि, किसानों को टोकन की संख्या, निर्धारित खरीदी सीमा और अपनी पंजीकृत जानकारी के बीच तालमेल रखना होगा।
बायोमेट्रिक प्रणाली से होगी धान खरीदी
इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली से संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसान की पहचान सुनिश्चित करना और खरीदी व्यवस्था में अनियमितताओं की संभावना कम करना है।
डिजिटल पहचान और ऑनलाइन टोकन से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए तकनीकी व्यवस्था का सुचारु रहना भी जरूरी है। नेटवर्क की समस्या, ओटीपी नहीं मिलना या बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी जैसी स्थितियों के लिए केंद्रों पर वैकल्पिक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
किसानों को परेशानी हो तो यहां करें संपर्क
टोकन प्राप्त करने या धान विक्रय के दौरान किसी तरह की समस्या आने पर किसान शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
किसान हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-3663
किसानों को सलाह है कि वे समय रहते अपनी पंजीयन संबंधी जानकारी जांच लें, मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और टोकन प्राप्त करने के बाद निर्धारित तारीख पर ही संबंधित खरीदी केंद्र पहुंचें।
खरीदी व्यवस्था की असली परीक्षा अब केंद्रों पर होगी
सक्ती जिले में 129 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी का लक्ष्य किसानों को सुविधाजनक व्यवस्था देना है। नए केंद्रों और ऑनलाइन टोकन से निश्चित रूप से प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। लेकिन खरीदी के दौरान तौल, गुणवत्ता जांच, भुगतान और धान के उठाव में देरी नहीं होनी चाहिए।
किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी उपज निर्धारित समय पर खरीदी जाए और भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा न आए। आने वाले दो महीने जिला प्रशासन और सहकारी समितियों के लिए व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा होंगे।
कुल मिलाकर, 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी सक्ती जिले के हजारों किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। अब किसानों को 10 नवंबर से टोकन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है, ताकि वे अपनी फसल बेचने की तैयारी समय रहते पूरी कर सकें।




