Raigarh Accident: तेज रफ्तार बस ने उजाड़ा परिवार, बाइक सवार धर्मेन्द्र राठिया की दर्दनाक मौत
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में बस और बाइक की टक्कर ने एक युवक की जान ले ली। हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान ग्राम कोगनारा निवासी धर्मेन्द्र राठिया के रूप में हुई है। वह रोजमर्रा के निजी काम से घरघोड़ा गया था, लेकिन घर लौटते समय चारभांठा के पास हुआ सड़क हादसा उसके परिवार के लिए कभी न भरने वाला दुख छोड़ गया।
घर लौटने का सफर बना आखिरी सफर
मिली जानकारी के अनुसार, धर्मेन्द्र राठिया शनिवार को अपनी बाइक से निजी काम के सिलसिले में घरघोड़ा गया था। रात करीब 8 बजे वह काम पूरा करके वापस अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम चारभांठा स्थित प्रतीक्षालय के पास मुख्य सड़क पर पूर्णागिरी बस और उसकी बाइक के बीच टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि धर्मेन्द्र सड़क पर दूर जा गिरा। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों तथा पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल पहुंचने से पहले नहीं बच सकी जान
हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल घरघोड़ा अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धर्मेन्द्र की मौत की खबर से परिवार में शोक छा गया। एक सामान्य निजी काम के लिए घर से निकले युवक का इस तरह वापस न लौटना परिवार के लिए बड़ा सदमा है।
बस चालक के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद मृतक के भाई ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब पुलिस के सामने हादसे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। दुर्घटना के समय बस की गति कितनी थी, चालक की भूमिका क्या रही और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। केवल मामला दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
रात के समय मुख्य सड़कों पर बसों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही के दौरान सावधानी बेहद जरूरी होती है। भारी वाहन और बाइक के बीच टक्कर होने पर बाइक सवार के गंभीर रूप से घायल होने या जान जाने का खतरा अधिक रहता है।
ऐसे हादसों को रोकने के लिए वाहन चालकों द्वारा गति सीमा का पालन, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और रात में पर्याप्त दृश्यता सुनिश्चित करना जरूरी है। खासकर ग्रामीण सड़कों पर स्थित प्रतीक्षालय, गांवों के प्रवेश मार्ग और व्यस्त मोड़ों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
धर्मेन्द्र राठिया की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना का मामला नहीं है, बल्कि यह याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी किसी परिवार की पूरी दुनिया बदल सकती है। अब जरूरी है कि पुलिस जांच के जरिए हादसे की वजह स्पष्ट करे और जिम्मेदारी तय होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।




