मिलावटी टोमैटो सॉस का बड़ा खतरा! बच्चों को खिलाने से पहले जानें 4 जरूरी जांच और बचाव के तरीके
नई दिल्ली: समोसे, पकौड़े, सैंडविच और पराठे के साथ टोमैटो सॉस खाना कई घरों में रोजमर्रा की आदत है। खासकर बच्चों को इसका मीठा-खट्टा स्वाद खूब पसंद आता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले सॉस की गुणवत्ता को लेकर एक जरूरी सवाल उठता है—क्या आप जो उत्पाद खरीद रहे हैं, उसकी सामग्री और गुणवत्ता के बारे में पूरी तरह आश्वस्त हैं?
सिर्फ चमकदार लाल रंग, गाढ़ापन या टमाटर जैसी खुशबू किसी सॉस के शुद्ध होने का प्रमाण नहीं है। खाद्य उत्पाद की असली गुणवत्ता उसकी सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन से तय होती है। इसलिए बच्चों को सॉस देने से पहले केवल उसके स्वाद पर भरोसा करने के बजाय पैकेट पर दी गई जानकारी और उत्पाद की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।
टोमैटो सॉस खरीदते समय किन बातों पर दें ध्यान?
सॉस बनाने में टमाटर के साथ चीनी, नमक, सिरका, मसाले और अनुमत खाद्य योजकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अलग-अलग ब्रांड और उत्पादों की सामग्री में अंतर होना सामान्य है। हालांकि, यदि किसी उत्पाद में गलत तरीके से रंग, स्टार्च या अन्य सामग्री मिलाई गई हो, अथवा उसमें खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ हो, तो यह चिंता का विषय है।
यह समझना भी जरूरी है कि हर गाढ़ा या अधिक मीठा सॉस मिलावटी नहीं होता। इसी तरह, केवल रंग या महक देखकर किसी उत्पाद को नकली घोषित नहीं किया जा सकता। उपभोक्ताओं को ऐसे संकेतों को शुरुआती सावधानी के तौर पर देखना चाहिए, न कि पक्के प्रमाण के रूप में।
घर पर किए जा सकते हैं ये 4 शुरुआती परीक्षण
1. कांच की प्लेट पर डालकर देखें बनावट
एक साफ कांच की प्लेट पर थोड़ी मात्रा में सॉस डालें और प्लेट को हल्का झुकाएं। ध्यान दें कि सॉस किस तरह फैलता है और उसमें से तरल अलग होता दिखाई देता है या नहीं।
यदि सॉस से पानी अलग हो रहा है, तो यह उसकी बनावट या भंडारण से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि, इससे मिलावट की पुष्टि नहीं होती। टमाटर की मात्रा, गाढ़ापन बढ़ाने वाले अनुमत घटक और निर्माण प्रक्रिया भी सॉस की बनावट को प्रभावित कर सकते हैं।
ध्यान रखें: केवल गाढ़ेपन के आधार पर सॉस को शुद्ध या मिलावटी न मानें।
2. पानी में रंग छोड़ने की जांच करें, लेकिन निष्कर्ष जल्दबाजी में न निकालें
एक पारदर्शी गिलास में पानी लेकर उसमें थोड़ी मात्रा में सॉस डालें। देखें कि सॉस पानी में कैसे घुलता और फैलता है।
सॉस का पानी में लाल रंग छोड़ना अपने आप में कृत्रिम रंग की मौजूदगी साबित नहीं करता। टमाटर में मौजूद प्राकृतिक रंगद्रव्य भी पानी में फैल सकते हैं। इसलिए इस परीक्षण से यह तय करना संभव नहीं है कि इस्तेमाल किया गया रंग अनुमत है या प्रतिबंधित।
यदि उत्पाद का रंग असामान्य लगे, पैकेट पर सामग्री की जानकारी अधूरी हो या गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसे बच्चों को देने से बचें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच की जानकारी लें।
3. आयोडीन परीक्षण से स्टार्च का संकेत मिल सकता है
कुछ खाद्य पदार्थों में स्टार्च की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आयोडीन का इस्तेमाल किया जाता है। स्टार्च मौजूद होने पर आयोडीन के साथ गहरा नीला या नीला-काला रंग बन सकता है।
लेकिन इस परीक्षण की भी सीमाएं हैं। किसी सॉस में स्टार्च मिलना अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है, क्योंकि उत्पाद के प्रकार और लागू मानकों के अनुसार कुछ गाढ़ापन बढ़ाने वाले घटकों का इस्तेमाल वैध हो सकता है।
इसके अलावा, घर पर किया गया परीक्षण स्टार्च की मात्रा, उसके स्रोत या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की विश्वसनीय पुष्टि नहीं करता। आयोडीन का घोल खाने योग्य नहीं होता, इसलिए परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए सॉस को बिल्कुल न खाएं और इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
4. स्वाद और महक में असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें
सॉस खोलते समय उसकी महक, रंग और बनावट पर ध्यान दें। यदि उसमें फफूंदी दिखाई दे, पैकेट फूल गया हो, सील टूटी हो या सामान्य से अलग दुर्गंध आ रही हो, तो उसका सेवन न करें।
बहुत अधिक मिठास या सिरके की तेज गंध अकेले मिलावट का प्रमाण नहीं है। अलग-अलग उत्पादों की रेसिपी अलग हो सकती है। इसी तरह, स्वाद चखकर संदिग्ध सॉस की जांच करना उचित नहीं है। किसी उत्पाद पर संदेह हो तो उसे चखने के बजाय इस्तेमाल बंद कर दें।
बच्चों को सॉस देने से पहले इन 5 बातों की जांच करें
- लेबल पढ़ें: सामग्री की सूची में टमाटर या टमाटर से बने घटकों के साथ चीनी, नमक और अन्य सामग्री की जानकारी देखें।
- सील और पैकेजिंग जांचें: टूटी सील, रिसाव, असामान्य सूजन या क्षतिग्रस्त पैकेट वाला उत्पाद न खरीदें।
- निर्माण और समाप्ति तिथि देखें: उत्पाद की वैधता और भंडारण संबंधी निर्देशों का पालन करें।
- खोलने के बाद सही तरीके से रखें: लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार सॉस को स्टोर करें और साफ चम्मच का इस्तेमाल करें।
- बच्चों को सीमित मात्रा में दें: सॉस में चीनी और नमक की मात्रा अधिक हो सकती है। इसे रोजमर्रा के भोजन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के बजाय सीमित मात्रा में देना बेहतर है।
क्या ज्यादा सॉस खाना बच्चों की सेहत को प्रभावित कर सकता है?
यहां मिलावट और पोषण से जुड़ी समस्या के बीच अंतर समझना जरूरी है। किसी सॉस में मिलावट न भी हो, तब भी उसमें मौजूद अतिरिक्त चीनी और नमक का अधिक सेवन बच्चों के संतुलित आहार के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है।
बार-बार मीठे सॉस का सेवन, खासकर दांतों की सफाई में कमी के साथ, दांतों में सड़न का जोखिम बढ़ा सकता है। वहीं, अधिक कैलोरी वाला भोजन नियमित रूप से लेने से वजन बढ़ने की आशंका हो सकती है। दूसरी ओर, असुरक्षित सामग्री या दूषित खाद्य उत्पाद से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इसलिए बच्चों की सुरक्षा का मतलब सिर्फ नकली सॉस से बचना नहीं है। उनके भोजन में ताजी सब्जियां, फल, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना भी उतना ही जरूरी है।
घर पर बना टोमैटो सॉस कितना बेहतर विकल्प है?
घर पर सॉस बनाने से सामग्री और उसमें डाली जाने वाली चीनी तथा नमक की मात्रा पर अधिक नियंत्रण मिलता है। इसके लिए अच्छी तरह धोए गए टमाटर, सीमित मात्रा में मसाले और जरूरत के अनुसार सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, घर पर बनाया गया सॉस भी अपने आप सुरक्षित नहीं हो जाता। साफ बर्तन, उचित पकाने की प्रक्रिया और सही भंडारण जरूरी हैं। इसे साफ, उपयुक्त कंटेनर में रखें, फ्रिज में स्टोर करें और खराब होने के संकेत दिखाई देने पर इस्तेमाल न करें।
मिलावट का संदेह हो तो क्या करें?
यदि किसी उत्पाद की पैकेजिंग, सामग्री या गुणवत्ता पर गंभीर संदेह है, तो उसका इस्तेमाल रोक दें और पैकेट, बैच नंबर, बिल तथा निर्माता की जानकारी सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से शिकायत करें। मिलावट की पुष्टि के लिए मान्य प्रयोगशाला में जांच अधिक भरोसेमंद तरीका है।



