अमृतसर। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 15 अवैध पिस्तौल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मामले में अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कथित तौर पर विदेश में मौजूद हथियार तस्करों से संपर्क होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हथियारों की सप्लाई से संबंधित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है।
तीन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई
अमृतसर पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन अलग-अलग नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए की गई। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों पर अवैध हथियार हासिल कर उन्हें आगे आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचाने का आरोप है।
पुलिस ने कार्रवाई के बाद थाना कैंटोनमेंट, थाना इस्लामाबाद और थाना छेहरटा में अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
15 पिस्तौल और 15 कारतूस बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से कुल 15 अवैध पिस्तौल और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बरामदगी के बाद हथियारों के स्रोत और उनकी कथित सप्लाई श्रृंखला की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से हासिल किए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। जांच का उद्देश्य नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की पहचान करना भी है।
विदेशी तस्करों से कथित संपर्क की जांच
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विदेश में बैठे हथियार तस्करों से कथित संपर्क की बात कही है। हालांकि, इस संबंध में सामने आई जानकारी अभी पुलिस जांच का हिस्सा है। मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस अब नेटवर्क की पिछली और आगे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अवैध हथियारों की आपूर्ति में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। तीन अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज मामलों की जांच के दौरान बरामद हथियारों और कारतूसों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
इस मामले में किसी नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना उचित नहीं है, इसलिए उसकी व्यक्तिगत जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है।



