नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज खत्म होने वाली है। अब सभी की नजरें बैठक के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या RBI मौजूदा 5.25% रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा? अगर ऐसा होता है तो रेपो रेट बढ़कर 5.50% हो जाएगा।
RBI की लगातार 21 MPC बैठकों में ब्याज दर में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में इस बार का फैसला घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ-साथ विदेशी निवेश और महंगाई के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फेड के फैसले का भी असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने सितंबर 2026 में ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद अमेरिका में ब्याज दर 3.75% से 4.00% के दायरे में पहुंच गई।
अमेरिका और भारत की ब्याज दरों के बीच अंतर कम होने का असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। आशंका यह है कि यदि अमेरिका में निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है, तो वे उभरते बाजारों से पूंजी निकालकर अमेरिकी बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं।
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 2.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। पिछले महीने भी विदेशी निवेशकों की ओर से 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली देखने को मिली।
विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने से रुपये और घरेलू वित्तीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में RBI के सामने ब्याज दर को लेकर संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
महंगाई भी RBI के लिए चुनौती
महंगाई का स्तर भी MPC के फैसले में अहम भूमिका निभा सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई यानी CPI बढ़कर 4.82% हो गई। यह लगातार तीसरा महीना है जब महंगाई RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर रही।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बनी मजबूती के अलावा कोर महंगाई भी बढ़ी है। Goldman Sachs की रिपोर्ट के अनुसार, कोर महंगाई 4.16% तक पहुंच गई है।
कच्चे तेल और रुपये पर भी नजर
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगे कच्चे तेल का असर आयात लागत और महंगाई पर पड़ सकता है।
वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर होकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में RBI के सामने महंगाई, मुद्रा बाजार और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
आज सामने आएगा RBI का फैसला
अब बाजार और आम लोगों की नजर MPC के फैसले पर है। अगर RBI 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है तो रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो जाएगा। हालांकि अंतिम फैसला MPC की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।



