Sub-headline: राज्य कैबिनेट ने DA-DR में 3% बढ़ोतरी को मंजूरी दी; नई दर 44% हुई और HRA मूल वेतन का 10% किया गया, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है।
अगरतला। त्रिपुरा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ देते हुए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए DA/DR की कुल दर 44 प्रतिशत हो गई है। नई दर 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 6 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी।
सरकार ने इसके साथ ही नियमित सरकारी कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बदलाव किया है। अब HRA मूल वेतन का 10 प्रतिशत होगा। इसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति माह तय की गई है। यह संशोधन भी 1 अक्टूबर से लागू होगा।
DA-DR बढ़कर 44 प्रतिशत हुआ
कैबिनेट के फैसले के बाद त्रिपुरा के कर्मचारियों और पेंशनर्स को पहले की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक DA/DR मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल करीब 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
सरकार ने कहा है कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े लाभों में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण बताया।
HRA की दर 8 से बढ़कर 10 प्रतिशत
DA-DR के अलावा HRA में भी संशोधन किया गया है। पहले नियमित सरकारी कर्मचारियों को मूल वेतन का 8 प्रतिशत HRA मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके साथ HRA की अधिकतम सीमा भी 3,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। HRA में इस बदलाव से राज्य सरकार पर करीब 141.96 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त खर्च आएगा।
केंद्र और राज्य के DA में अंतर
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने यह भी बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA में अभी अंतर बना हुआ है। ताजा बढ़ोतरी के बाद त्रिपुरा का DA/DR 44 प्रतिशत हो गया है, जबकि केंद्र के कर्मचारियों की दर करीब 60 प्रतिशत बताई गई है। इसके साथ दोनों के बीच अंतर करीब 16 प्रतिशत अंक रह गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस अंतर को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में काम कर रही है।
8वें वेतन आयोग पर भी सरकार की नजर
माणिक साहा ने 8वें वेतन आयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और त्रिपुरा सरकार भी इस विषय की समीक्षा कर रही है। राज्य सरकार कर्मचारियों के हित और अपनी वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाकर आगे के फैसले लेने की बात कह रही है।
मुख्यमंत्री ने 2018 में सत्ता संभालने के बाद लागू किए गए 7वें वेतन आयोग का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, उस समय फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के बाद मूल वेतन में करीब 14.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
निष्कर्ष: त्रिपुरा सरकार के ताजा फैसले से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अक्टूबर 2026 से अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा। DA-DR बढ़कर 44 प्रतिशत हो गया है, जबकि नियमित कर्मचारियों का HRA मूल वेतन का 10 प्रतिशत और अधिकतम 10,000 रुपये प्रति माह रहेगा।



