मुंबई की PMLA विशेष अदालत में 1 अक्टूबर को दाखिल हुई शिकायत; ED का आरोप—शेल कंपनियों और म्यूल बैंक खातों के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में भेजा गया
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े मामले में मेहमूद अब्दुल समद भगाड़ उर्फ ‘चैलेंजर किंग’ के खिलाफ तीसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। ED के अनुसार, जांच में ऐसे शेल संस्थानों और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क सामने आया, जिनके जरिए ₹157 करोड़ से अधिक की रकम का लेन-देन किए जाने का आरोप है। यह शिकायत 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई की PMLA विशेष अदालत में दाखिल की गई।
ED की जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़ी रकम का संबंध कथित साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन गेमिंग/बेटिंग गतिविधियों से जोड़ा गया है। हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
मालेगांव की FIR से शुरू हुई जांच
ED के मुताबिक, पूरे मामले की शुरुआत नवंबर 2024 में नासिक के मालेगांव छावनी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से हुई थी। जांच के दौरान मालेगांव में ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनके बारे में एजेंसी का आरोप है कि इन्हें दूसरे लोगों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खोला गया था।
जांच में NAMCO Bank में 14 खातों और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में पांच अन्य खातों की जानकारी सामने आई। ED के अनुसार, केवल 14 NAMCO खातों में ही लगभग ₹112.72 करोड़ से अधिक की रकम करीब 200 फर्मों और कंपनियों से आई थी। इसके बाद रकम को ऑनलाइन माध्यम से दूसरे खातों और संस्थाओं में ट्रांसफर किए जाने की बात जांच में सामने आई।
21 संस्थाओं तक पहुंचा मनी ट्रेल
ED ने जांच के दौरान लेन-देन का पीछा करते हुए 21 सोल प्रोपराइटरशिप संस्थाओं तक मनी ट्रेल पहुंचने का दावा किया। एजेंसी का आरोप है कि इन संस्थाओं और बैंक खातों का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित करने के लिए किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, मेहमूद भगाड़ की भूमिका केवल लाभार्थी तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसने कथित तौर पर शेल संस्थाओं और म्यूल खातों के संचालन को निर्देशित किया। इस मामले में नगानी अकरम मोहम्मद शफी और वसीम वलीमोहम्मद भेसानिया समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की गई है। दोनों को ED ने दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया था।
UAE से वापसी के बाद जांच में तेजी
रिपोर्ट के अनुसार, भगाड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पकड़े जाने के बाद भारत वापस लाया गया था। उसके खिलाफ फरवरी 2025 में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
ED ने इस मामले में पहले भी कई स्थानों पर तलाशी कार्रवाई की थी। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले थे तथा नकदी और बैंक खातों से जुड़ी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई।
फिलहाल तीसरी सप्लीमेंट्री शिकायत के जरिए ED ने जांच में सामने आए अतिरिक्त वित्तीय लेन-देन और कथित नेटवर्क से जुड़े आरोप अदालत के सामने रखे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।



