बस्तर में बाढ़ और आंधी से 70 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त, कई ट्रांसफॉर्मर पानी में डूबे; करीब 150 कर्मचारी बहाली के काम में जुटे
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बारिश और बाढ़ ने जनजीवन के साथ बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। बाढ़ और तेज आंधी-तूफान के कारण कई इलाकों में बिजली के पोल टूट गए, जबकि कुछ ट्रांसफॉर्मरों में पानी भरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए विद्युत विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई स्थानों पर कर्मचारी कमर से ऊपर तक भरे पानी और कीचड़ के बीच उतरकर बिजली सुधारने का काम कर रहे हैं। बाढ़ के बीच काम करते कर्मचारियों की तस्वीरें सामने आई हैं, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विद्युत व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश को दिखाती हैं।
70 पोल क्षतिग्रस्त, 148 गांव प्रभावित
बाढ़ के कारण जिले में बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 70 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं और 148 गांव प्रभावित हुए हैं। कई ट्रांसफॉर्मर भी पानी में डूब गए, जिससे उन्हें दोबारा व्यवस्थित करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त कठिनाई आ रही है।
बिजली विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों में है, जहां पानी अभी भी भरा हुआ है। ऐसे स्थानों पर जल्दबाजी में बिजली चालू करना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
नदी किनारे बसे गांवों में ज्यादा चुनौती
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता के अनुसार, बस्तर के कई गांव नदी के किनारे बसे हैं। बाढ़ के दौरान कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि पेड़ों के गिरने से बिजली के पोल टूट गए। कई ट्रांसफॉर्मरों के बॉक्स में भी पानी भर गया था।
विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त उपकरणों को व्यवस्थित करने और बिजली व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने में लगी हैं।
लोहंडीगुड़ा क्षेत्र के कई गांव प्रभावित
लोहंडीगुड़ा क्षेत्र के बढ़ांजी, टाकरागुड़ा, पोटानार, नगरनार, रामपाल, सरगीगुड़ा और हरपारा जैसे इलाकों में बिजली बहाली का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कुछ स्थानों पर करीब 10 से 15 मकानों तक बिजली आपूर्ति शुरू करना मुश्किल बताया गया है।
विभाग के सामने यह भी चुनौती है कि पानी से घिरे घरों में बिजली चालू करने पर करंट फैलने का खतरा हो सकता है। इसलिए ज्यादा प्रभावित घरों को अलग करने के बाद ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
150 से ज्यादा कर्मचारी बहाली में जुटे
बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विद्युत विभाग और ठेकेदार से जुड़े करीब 150 कर्मचारी काम में लगाए गए हैं। बाढ़ के पानी और कीचड़ के कारण नए पोल और आवश्यक सामग्री को प्रभावित स्थानों तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर नए पोल ट्रैक्टर की मदद से पहुंचाए जा रहे हैं।
कर्मचारियों को कई स्थानों पर पानी में उतरकर ही मरम्मत कार्य करना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार, परिस्थितियां अनुकूल रहने पर करीब दो दिनों में प्रभावित घरों तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा के साथ बिजली बहाली पर जोर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली बहाली के दौरान सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। पानी में डूबे पोल, ट्रांसफॉर्मर और विद्युत लाइनों के आसपास बिना विभागीय पुष्टि के जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल होने तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
बस्तर में बिजली विभाग की टीमें फिलहाल क्षतिग्रस्त ढांचे को दुरुस्त करने और प्रभावित गांवों में आपूर्ति सामान्य करने के काम में जुटी हुई हैं।



