पाली की सराईपाली खदान में ट्रक मालिकों का सांकेतिक धरना समाप्त, लिफ्टरों ने निर्धारित भाड़ा दरें लागू करने पर जताई सहमति; फिलहाल कोयला परिवहन बंद करने का फैसला टला।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली क्षेत्र स्थित सराईपाली खदान में भाड़ा दरों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रहा ट्रक मालिकों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया है। दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ के नेतृत्व में आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरने के बाद लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई बातचीत में सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद ट्रक मालिकों ने प्रस्तावित चक्काजाम और अनिश्चितकालीन कोयला परिवहन बंद करने का फैसला स्थगित कर दिया है।
हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन स्थगित करने का निर्णय तय भाड़ा दरों और अन्य आश्वासनों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
बढ़ते खर्च और कम भाड़े से परेशान ट्रक मालिक
धरने के दौरान ट्रक और ट्रेलर मालिकों ने परिवहन व्यवसाय में बढ़ते खर्च का मुद्दा उठाया। संघ के सदस्यों का कहना था कि डीजल, टायर, वाहनों की किस्त और रखरखाव पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद परिवहन के लिए मिलने वाली भाड़ा दरों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।
ट्रक मालिकों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्टरों की ओर से कम भाड़ा मिलने के कारण वाहन संचालकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त, सराईपाली खदान की खराब सड़कों और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
मांगें पूरी नहीं होने पर दी थी आंदोलन की चेतावनी
धरने में शामिल ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष बाबा ठाकुर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से परिवहन भाड़े की दरें कम होती जा रही हैं, जबकि महंगाई और वाहनों के संचालन का खर्च बढ़ा है।
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से मांगों को सामने रखते हुए चेतावनी दी थी कि समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। वाहन मालिकों ने आर्थिक दबाव और परिवहन व्यवसाय में आ रही कठिनाइयों की ओर भी ध्यान दिलाया।
लिफ्टरों के साथ बैठक में भाड़ा दरों पर सहमति
धरना प्रदर्शन के दौरान ट्रक मालिक संघ और लिफ्टरों के बीच बातचीत हुई। संघ के अनुसार, बैठक में लिफ्टरों ने निर्धारित परिवहन भाड़ा दरों को स्वीकार कर लिया।
लिफ्टरों की ओर से सहमति के अगले दिन से नई व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निर्धारित भाड़ा दरों की वास्तविक राशि का उल्लेख नहीं है।
SECL ने सड़क मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा
भाड़ा दरों पर सहमति बनने के बाद संघ के पदाधिकारियों ने एसईसीएल प्रबंधन के साथ बैठक की। इस दौरान खदान क्षेत्र की खराब सड़कों और पार्किंग की अव्यवस्था का मुद्दा उठाया गया।
संघ के अनुसार, एसईसीएल प्रबंधन ने सड़कों की मरम्मत कराने और पार्किंग व्यवस्था में सुधार करने पर सहमति जताई है।
इन सुविधाओं में सुधार होने से खदान क्षेत्र में वाहनों के संचालन के दौरान ट्रक मालिकों और चालकों को होने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं।
फिलहाल टला अनिश्चितकालीन कोयला परिवहन बंद
ट्रक मालिक संघ ने अपनी मांगों को लेकर 3 अक्टूबर को अनिश्चितकालीन कोयला परिवहन बंद करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन के साथ बातचीत में सहमति बनने के बाद प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
संघ का कहना है कि यदि तय निर्णयों को लागू किया जाता है तो चक्काजाम नहीं किया जाएगा।
अब निर्धारित भाड़ा दरों के वास्तविक क्रियान्वयन और खदान क्षेत्र में सड़क एवं पार्किंग सुविधाओं में सुधार पर ट्रक मालिकों की नजर रहेगी।



