छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: रायपुर रोजगार मेले में 9,449 पद, 10 हजार तक अवसर
रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अक्टूबर का पहला सप्ताह महत्वपूर्ण हो सकता है। राजधानी रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जहां अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी कौशल रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए हजारों अवसर उपलब्ध होंगे। अब तक 62 कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों ने 9,449 रिक्तियों की जानकारी दी है और अन्य नियोक्ताओं से बातचीत जारी है।
यह आयोजन केवल बड़ी संख्या में नियुक्तियों की संभावना के कारण महत्वपूर्ण नहीं है। इसकी खासियत यह भी है कि 10वीं-12वीं पास युवाओं से लेकर ITI, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक, MBA और MCA जैसी योग्यताएं रखने वाले अभ्यर्थियों को एक ही मंच पर अलग-अलग सेक्टर में अवसर मिलेंगे।
9,449 पदों से खुला रोजगार का बड़ा रास्ता
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस मेले में स्थानीय कंपनियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की निजी कंपनियां भी हिस्सा लेंगी।
उपलब्ध रिक्तियों को देखें तो रोजगार के अवसर केवल कार्यालयी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। तकनीकी क्षेत्र में मशीन ऑपरेटर, असेंबली ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन और मेंटेनेंस इलेक्ट्रिशियन जैसे पद हैं। वहीं मैकेनिकल इंजीनियर और क्वालिटी इंस्पेक्टर के लिए भी अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
इससे साफ है कि रोजगार मेले में डिग्री और कौशल—दोनों तरह की योग्यताओं को जगह देने की कोशिश की गई है।
ITI से MBA तक, कई प्रोफाइल के लिए मौका
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सबसे उपयोगी पहलू पदों की विविधता है। कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, टेलीकॉलर, रिलेशनशिप मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव और सेल्स ऑफिसर जैसे पदों के अलावा बैंकिंग, फाइनेंस और HR से जुड़े अवसर भी उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ और केयरटेकर, सुरक्षा क्षेत्र में गार्ड और सुपरवाइजर तथा लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी से जुड़े क्षेत्रों में ड्राइवर, डिलीवरी कर्मी, बाइक राइडर और पिकर-पैकर जैसी नौकरियां भी शामिल हैं।
इस तरह अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता के साथ-साथ रुचि और काम की प्रकृति को ध्यान में रखकर पद चुनने का अवसर मिलेगा।
कंपनियों की भागीदारी से बढ़ेगा विकल्पों का दायरा
रोजगार मेले में क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स-सतलुज टेक्सटाइल्स, वर्द्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरटेल पेमेंट बैंक सहित कई कंपनियों ने रिक्तियां उपलब्ध कराई हैं।
इसके अलावा इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, NIIT, AISECT, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉरपोरेट जैसी संस्थाएं भी प्रक्रिया में शामिल हैं।
विभिन्न उद्योगों की कंपनियों के एक मंच पर आने से उम्मीदवारों के सामने एक ही समय में कई रोजगार विकल्प देखने और अपनी योग्यता के मुताबिक आवेदन करने का अवसर बनता है।
ऑनलाइन पोर्टल से पहले ही देख सकेंगे नौकरियां
इस बार प्रक्रिया को केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रखा गया है। ई-रोजगार पोर्टल के जरिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी पहले से देखने और अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन करने की सुविधा दी जा रही है।
यह व्यवस्था युवाओं के लिए इसलिए उपयोगी है क्योंकि रोजगार मेले में पहुंचने से पहले वे यह तय कर सकते हैं कि किन पदों के लिए आवेदन करना है। दूसरी तरफ नियोक्ताओं को भी उम्मीदवारों की प्रोफाइल और आवेदन पहले से देखने का अवसर मिलता है, जिससे प्रारंभिक चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
महत्वपूर्ण: अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले संबंधित पद की योग्यता, अनुभव, स्थान और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जांच लेनी चाहिए।
पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं बढ़ती गतिविधि
छत्तीसगढ़ में रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंप के जरिए युवाओं को निजी क्षेत्र से जोड़ने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में 311 प्लेसमेंट कैंप और रायपुर, दुर्ग तथा बिलासपुर में रोजगार मेलों के जरिए 5,314 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
वित्त वर्ष 2025-26 में 245 प्लेसमेंट कैंप तथा रायपुर, बलौदाबाजार और दुर्ग में आयोजित रोजगार मेलों में 4,149 अभ्यर्थी चयनित हुए। दोनों वर्षों को मिलाकर यह संख्या 9,463 रही।
वहीं 2026 में सितंबर तक राज्य में 224 प्लेसमेंट कैंप और रोजगार मेलों का आयोजन हो चुका है, जिनमें 8,878 अभ्यर्थियों के चयन की जानकारी दी गई है।
इन आंकड़ों से यह जरूर पता चलता है कि प्लेसमेंट कैंप और रोजगार मेलों का नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि चयन और वास्तविक रोजगार के बीच अंतर हो सकता है, इसलिए आगे की चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि युवाओं को केवल ऑफर तक नहीं, बल्कि स्थायी और उनके कौशल के अनुरूप रोजगार तक पहुंच मिले।
8 अक्टूबर को मिलेगा ऑफर लेटर
रोजगार मेले के दूसरे दिन 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब चयनित अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर वितरित करेंगे।
युवाओं के लिए इस आयोजन का वास्तविक महत्व केवल चयन की संख्या में नहीं बल्कि इस बात में होगा कि उन्हें मिलने वाली नौकरियां उनकी योग्यता, कौशल, वेतन और भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं से कितनी मेल खाती हैं।
आज के रोजगार बाजार में केवल नौकरी हासिल करना पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के साथ डिजिटल दक्षता, तकनीकी कौशल, संचार क्षमता और लगातार नई स्किल सीखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
आगे की चुनौती सिर्फ नौकरी देने की नहीं, नौकरी टिकाने की होगी
रायपुर का यह रोजगार मेला हजारों युवाओं को कंपनियों तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन सकता है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सफलता का आकलन नियुक्तियों की संख्या से आगे जाकर करना जरूरी होगा।
कितने युवाओं ने नौकरी ज्वाइन की, कितने लंबे समय तक जुड़े रहे, किस सेक्टर में सबसे ज्यादा नियुक्तियां हुईं और किन कौशलों की मांग सबसे अधिक रही—इन आंकड़ों का भविष्य में विश्लेषण रोजगार नीति को ज्यादा प्रभावी बना सकता है।
अगर रोजगार मेलों से मिले ऐसे आंकड़ों को कौशल प्रशिक्षण की योजनाओं से जोड़ा जाए, तो सरकार और प्रशिक्षण संस्थान यह समझ सकते हैं कि उद्योगों को वास्तव में किन प्रोफाइल और कौशल की जरूरत है। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल 7-8 अक्टूबर का रायपुर रोजगार मेला उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ रहा है जो निजी क्षेत्र में अपने कौशल के अनुरूप नौकरी तलाश रहे हैं। हजारों रिक्तियों के बीच सही पद का चयन और पात्रता के अनुसार तैयारी ही अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम कदम होगा।



