एमपी में दिव्यांग यात्रियों के लिए बड़ी राहत: बस किराये में 50% छूट, मनमानी वसूली पर कार्रवाई
भोपाल: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए किराये को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश सामने आए हैं। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दिव्यांग यात्री से सामान्य किराये का 50 प्रतिशत ही लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद यदि किसी यात्री से पूरा किराया वसूला जाता है या उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, तो शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया के कार्यालय की जिम्मेदारियों में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों की जांच शामिल है।
किराये की छूट से ज्यादा जरूरी है इसकी जानकारी
किसी सरकारी रियायत का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब लाभार्थी को उसके अधिकार की जानकारी हो और परिवहन व्यवस्था में उसका पालन भी सुनिश्चित किया जाए। बस यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों के मामले में यही सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
यदि किसी यात्री के पास वैध दिव्यांगता प्रमाण या संबंधित पहचान दस्तावेज है, तो यात्रा से पहले किराये की लागू रियायत की जानकारी रखना उसके लिए उपयोगी होगा। किसी बस में नियम का पालन नहीं होने पर यात्री को केवल बहस करने के बजाय बस की जानकारी, यात्रा का विवरण और उपलब्ध दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि शिकायत करते समय तथ्य प्रस्तुत किए जा सकें।
रायसेन की शिकायत के बाद कार्रवाई ने बढ़ाई गंभीरता
यह मामला उस समय ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया, जब रायसेन में एक निजी बस संचालक से जुड़ी शिकायत राज्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय के संज्ञान में आई। शिकायत में दिव्यांग यात्रियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और उनका मजाक उड़ाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद संबंधित मामले में जिला परिवहन अधिकारी, रायसेन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए और उपलब्ध जानकारी के अनुसार बस संचालक पर मोटरयान कानून के तहत अर्थदंड की कार्रवाई की गई।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल एक मामले में दंड देना नहीं है। इसका व्यापक असर यह हो सकता है कि बस ऑपरेटर और उनके कर्मचारियों को यह स्पष्ट संदेश मिले कि दिव्यांग यात्रियों के साथ व्यवहार और उनके लिए लागू किराया व्यवस्था दोनों को गंभीरता से लेना होगा।
शिकायत कहां की जा सकती है?
मध्य प्रदेश के राज्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय के अनुसार, अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत राज्य आयुक्त के समक्ष की जा सकती है। कार्यालय को आवेदन या शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जा सकती है और संबंधित विभागों से कार्रवाई के लिए कहा जा सकता है।
आयुक्त कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर कार्यालय का संपर्क ई-मेल comm-pwds@mp.gov.in और भोपाल स्थित कार्यालय का पता भी उपलब्ध है।
यात्री शिकायत करते समय बस का नाम या नंबर, यात्रा की तारीख, रूट, टिकट और यदि संभव हो तो संबंधित कर्मचारी की जानकारी सुरक्षित रखें। इससे शिकायत की जांच में मदद मिल सकती है।
परमिट पर कार्रवाई का सवाल भी अहम
बस परिवहन व्यवस्था में परमिट और मोटरयान कानून से जुड़े प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन होने पर परिवहन विभाग कार्रवाई कर सकता है। हालांकि किसी विशेष मामले में परमिट रद्द होगा या कौन-सी कार्रवाई की जाएगी, यह संबंधित प्राधिकारी द्वारा मामले के तथ्यों और लागू कानून के आधार पर तय किया जाएगा।
इसलिए यात्रियों के लिए यह समझना जरूरी है कि शिकायत दर्ज होना और परमिट रद्द होना एक ही बात नहीं है। कार्रवाई की प्रकृति जांच के निष्कर्ष और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करती है।
अब सबसे बड़ा फोकस जागरूकता और पालन पर
मध्य प्रदेश सरकार की सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण व्यवस्था में दिव्यांग अधिकारों से जुड़ी कई योजनाएं और प्रावधान संचालित हैं। विभाग की आधिकारिक जानकारी में शिक्षा, परिवहन भत्ता और अन्य सहायता योजनाओं का भी उल्लेख है।
बस किराये में रियायत भी तभी प्रभावी सामाजिक सुविधा बन सकती है, जब इसका लाभ जमीन पर बिना अनावश्यक विवाद के मिले। इसके लिए यात्रियों की जागरूकता के साथ बस कंडक्टरों और ऑपरेटरों को नियमों की स्पष्ट जानकारी देना भी जरूरी है।।



