छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की भव्य तैयारी तेज, विकास और भविष्य की दिशा दिखाएगा तीन दिवसीय आयोजन
रायपुर, 29 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर होने वाले राज्योत्सव 2026 को लेकर तैयारियां अब तेज कर दी गई हैं। इस बार आयोजन को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सरकारी उपलब्धियों की प्रदर्शनी तक सीमित रखने के बजाय राज्य के विकास की आगामी दिशा से जोड़ने की तैयारी है। 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाले राज्योत्सव में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
राजधानी में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों की तैयारियों की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा के भीतर जिम्मेदारियां पूरी करने और विभागीय प्रदर्शनी की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपलब्धियों से आगे, भविष्य पर रहेगा फोकस
राज्योत्सव किसी राज्य के लिए अपनी पहचान, विकास यात्रा और आगामी प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखने का अवसर होता है। इस लिहाज से इस वर्ष की थीम में भविष्य की दिशा को शामिल करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभागीय प्रदर्शनियों में योजनाओं और उपलब्धियों के साथ यह भी सामने लाया जा सकता है कि आने वाले वर्षों में उद्योग, रोजगार, कौशल, तकनीक, मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राज्य किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को 22 अक्टूबर तक अपनी तैयारियों और प्रस्तावित प्रदर्शनी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इससे आयोजन की अलग-अलग गतिविधियों को समय रहते एकीकृत रूप देने में मदद मिलेगी।
40 राज्य स्तरीय पुरस्कारों पर भी नजर
राज्योत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनके चयन की प्रक्रिया तय समय-सारणी के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुरस्कार समारोह राज्य की उपलब्धियों को सार्वजनिक पहचान देने के साथ उन व्यक्तियों और संस्थाओं को मंच प्रदान करेगा, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
नवा रायपुर में बनेगा मुख्य आयोजन स्थल
राज्य स्तरीय कार्यक्रम नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर यानी मेला ग्राउंड में प्रस्तावित है।
आयोजन स्थल पर मुख्य मंच, डोम, पंडाल, बैठक व्यवस्था, बैरिकेटिंग, स्टॉल और विकास प्रदर्शनी जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को सौंपी गई है। इससे बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के लिए कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की तैयारी है।
ट्रैफिक से लेकर स्वास्थ्य तक अलग-अलग जिम्मेदारियां
राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजन में मंच और प्रदर्शनी के साथ नागरिक सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। नगर निगम रायपुर और एनआरडीए को पेयजल, स्वच्छता और सिटी बस जैसी सुविधाओं की जिम्मेदारी दी गई है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सुरक्षा, यातायात तथा पार्किंग व्यवस्था संभालेंगे। अग्निशमन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा और एंबुलेंस व्यवस्था तथा ऊर्जा विभाग की ओर से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी रहेगी।
जनसंपर्क विभाग और चिप्स को प्रचार-प्रसार तथा हाईटेक मीडिया सेंटर की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इससे आयोजन की जानकारी डिजिटल और मीडिया माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
विभागीय प्रदर्शनियों से दिखेगी विकास की तस्वीर
राज्योत्सव की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में विभागीय प्रदर्शनी शामिल होगी। अलग-अलग विभाग अपने कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों को एक ही परिसर में प्रस्तुत करेंगे।
यदि इन प्रदर्शनियों को केवल योजनाओं की जानकारी देने के बजाय वास्तविक लाभार्थियों, स्थानीय नवाचार, रोजगार सृजन, तकनीकी बदलाव और भविष्य की परियोजनाओं से जोड़ा जाता है, तो आम लोगों के लिए इनका उपयोगी पक्ष और स्पष्ट हो सकता है।
राज्य के लिए यह आयोजन उद्योग और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्रीय विषयों में शामिल करने से कारोबारी वातावरण, औद्योगिक सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
1 नवंबर से शुरू होगा तीन दिवसीय आयोजन
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्योत्सव 2026 का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक प्रस्तावित है। अभी विभिन्न विभागों की तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है और 22 अक्टूबर तक विभागवार जानकारी जुटाने के बाद आयोजन की समग्र रूपरेखा को और स्पष्ट किया जाएगा।



