छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर से युवा इनोवेशन का बड़ा मंच, कृषि से AI तक स्टार्टअप्स को मिलेगा नया अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं के नए विचारों को केवल प्रतियोगिता या प्रदर्शनी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीक, बाजार और निवेश से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में 28 से 30 सितंबर 2026 तक ‘छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026’ आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के करीब एक हजार युवा, विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक और उद्यमिता से जुड़े विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस आयोजन की खासियत यह है कि इसमें कृषि विश्वविद्यालय के साथ IIT भिलाई, NIT रायपुर, IIIT नवा रायपुर, NABARD, CG-COST और अन्य संस्थाएं भी जुड़ी हैं। यानी कार्यक्रम का फोकस सिर्फ युवाओं को प्रेरित करने पर नहीं, बल्कि रिसर्च, तकनीक, उद्योग और निवेश के बीच कनेक्शन बनाने पर है।
आइडिया से बाजार तक पहुंचाने की कोशिश
किसी भी स्टार्टअप के लिए शुरुआती विचार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन केवल अच्छा आइडिया कारोबार में बदल जाए, यह जरूरी नहीं। प्रोटोटाइप तैयार करने, तकनीकी परीक्षण, पेटेंट या तकनीक हस्तांतरण, बाजार की जरूरत समझने, निवेश जुटाने और सही मेंटर मिलने जैसी कई चुनौतियां सामने आती हैं।
यूथ कॉन्क्लेव इसी अंतर को कम करने की कोशिश करेगा। कार्यक्रम में स्टार्टअप पिचिंग, निवेशक-स्टार्टअप संवाद, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और नीति संवाद जैसे सत्र रखे गए हैं। इससे युवाओं को अपने समाधान सीधे विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यहां कृषि, वनोपज, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय संसाधनों से जुड़े ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां तकनीक आधारित छोटे कारोबार विकसित किए जा सकते हैं।
कृषि से AI और बायोटेक तक फोकस
कॉन्क्लेव में जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, उनमें एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, बायोटेक्नोलॉजी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु-स्मार्ट तकनीक तथा फिनटेक शामिल हैं।
इन क्षेत्रों का चयन छत्तीसगढ़ की स्थानीय जरूरतों से भी जोड़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए कृषि में मौसम, सिंचाई, फसल निगरानी, भंडारण और बाजार तक पहुंच जैसी समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकते हैं। वहीं खाद्य प्रसंस्करण में स्थानीय कृषि उत्पादों और वनोपज को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय वैल्यू-एडेड उत्पादों में बदला जा सकता है।
यही मॉडल ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार खोजने के बजाय रोजगार पैदा करने का रास्ता भी खोल सकता है।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर बनेगा नया आधार
कॉन्क्लेव के दौरान सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ भी प्रस्तावित है। इसे प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र पर केंद्रित संस्थागत आधार के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन्क्यूबेशन सेंटर का वास्तविक महत्व तब सामने आएगा जब शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को प्रयोगशाला से आगे बढ़कर प्रोटोटाइप तैयार करने, तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप और उद्योग तथा निवेशकों से जुड़ने की सुविधाएं मिलें।
बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में शोध को बाजार तक पहुंचने में लंबा समय और पर्याप्त संसाधन लगते हैं। इसलिए यदि इनक्यूबेशन व्यवस्था लगातार तकनीकी और कारोबारी सहायता देती है, तो विश्वविद्यालय आधारित शोध को व्यावसायिक उपयोग में बदलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
तीन स्टार्टअप्स को मिलेगा पुरस्कार
कॉन्क्लेव में नवाचार और स्टार्टअप प्रदर्शनी के साथ पिचिंग प्रतियोगिता भी होगी। शीर्ष तीन युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रुपये, 75 हजार रुपये और 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
हालांकि शुरुआती पुरस्कार राशि किसी स्टार्टअप को बड़े स्तर पर खड़ा करने के लिए पर्याप्त नहीं होती, लेकिन ऐसे आयोजनों का महत्व नेटवर्किंग, विशेषज्ञ प्रतिक्रिया और संभावित निवेशकों तक पहुंच में भी होता है। किसी युवा संस्थापक के लिए अपने उत्पाद को उद्योग विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करना आगे की साझेदारी या निवेश का रास्ता खोल सकता है।
स्टार्टअप नीति को जमीन पर उतारने की कोशिश
कॉन्क्लेव को छत्तीसगढ़ की नवाचार एवं स्टार्टअप संवर्धन नीति 2025-30 के क्रियान्वयन से भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य राज्य में ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां स्थानीय समस्याओं से जुड़े समाधान विकसित करने वाले युवाओं को संस्थागत सहायता मिल सके।
नीति की सफलता केवल पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या से नहीं मापी जाएगी। लंबे समय में यह देखना अधिक महत्वपूर्ण होगा कि कितने स्टार्टअप टिकाऊ कारोबार बना पाते हैं, कितने नए रोजगार पैदा करते हैं और कितने उत्पाद या तकनीक छत्तीसगढ़ के बाहर भी बाजार हासिल कर पाते हैं।
25 सितंबर तक पंजीयन का मौका
आयोजकों के अनुसार कॉन्क्लेव में शामिल होने के इच्छुक युवा छात्र और युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप 25 सितंबर 2026 तक पंजीयन कर सकते हैं। तीन दिनों के कार्यक्रम में चार तकनीकी सत्रों के अलावा विशेषज्ञ व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, पिचिंग, निवेशक संवाद, नीति चर्चा और इनक्यूबेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे।



