सुबह खाली पेट चाय पीना कितना सही? रोज की इस आदत को लेकर जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
नई दिल्ली: सुबह उठते ही चाय का कप लेना भारत के लाखों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। कई लोगों के लिए चाय के बिना सुबह की शुरुआत अधूरी लगती है। लेकिन समस्या चाय पीने से ज्यादा इस बात में हो सकती है कि उसे कब और किस परिस्थिति में पिया जा रहा है। खासकर जिन लोगों को पहले से एसिडिटी, पेट में जलन या आयरन की कमी की समस्या है, उनके लिए खाली पेट चाय पीने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है।
चाय में कैफीन और पॉलीफेनोल जैसे कई यौगिक होते हैं। इनका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को सुबह खाली पेट चाय लेने के बाद पेट में जलन, बेचैनी या गैस जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए अगर चाय पीने के बाद बार-बार ऐसी शिकायत होती है तो इसे महज सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
असली चिंता पेट से ज्यादा आपकी पूरी दिनचर्या की है
खाली पेट चाय को लेकर सबसे आम धारणा यह है कि इससे सीधे पेट में अल्सर हो जाता है। हालांकि इस दावे को इतनी निश्चितता से कहना सही नहीं है। अल्सर के कई कारण हो सकते हैं और केवल खाली पेट चाय को उसका सीधा कारण मानने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
फिर भी जिन लोगों को पहले से एसिडिटी या पेट संबंधी परेशानी रहती है, उनमें चाय या कैफीनयुक्त पेय कुछ लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए सुबह उठते ही तेज चाय लेने के बजाय पहले पानी पीना और कुछ हल्का खाना अधिक आरामदायक विकल्प हो सकता है।
आयरन की कमी वालों के लिए समय का रखें विशेष ध्यान
चाय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पोषण संबंधी पहलू आयरन का अवशोषण है। चाय में मौजूद टैनिन और अन्य पॉलीफेनोल भोजन से मिलने वाले गैर-हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं, खासकर जब चाय को भोजन के साथ लिया जाए। हालांकि उपलब्ध शोध यह भी बताता है कि इसका वास्तविक असर व्यक्ति की कुल डाइट, आयरन की स्थिति और लंबे समय की खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है।
यही कारण है कि जिन लोगों में आयरन की कमी या एनीमिया है, उनके लिए भोजन के तुरंत साथ चाय पीने की आदत पर डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है। भोजन और चाय के बीच अंतर रखना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।
क्या चाय से हड्डियां कमजोर होती हैं?
चाय और हड्डियों की सेहत को लेकर भी कई तरह की बातें कही जाती हैं। कैफीन और कैल्शियम के बीच संभावित संबंध पर शोध हुआ है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सामान्य मात्रा में चाय पीने से सीधे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। कैफीन के हड्डियों पर प्रभाव से जुड़े अध्ययन मिश्रित परिणाम देते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि हालिया मेटा-विश्लेषणों में नियमित चाय सेवन और कम ऑस्टियोपोरोसिस जोखिम के बीच संबंध भी पाया गया है। इसलिए केवल चाय को हड्डियों के लिए नुकसानदायक घोषित करना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा।
हड्डियों की सेहत के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण पूरी डाइट, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी, शारीरिक गतिविधि तथा अन्य व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारक हैं।
Liqvd Digital India IPO: 23 सितंबर से खुलेगा ₹39 करोड़ का इश्यू, ₹51-54 तय हुआ प्राइस बैंड
सुबह की चाय छोड़ना जरूरी नहीं, तरीका बदलना ज्यादा अहम
अगर आपको चाय पसंद है और इससे कोई परेशानी नहीं होती तो सिर्फ इस वजह से चाय पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। बेहतर तरीका यह है कि अपनी शरीर की प्रतिक्रिया और पूरी दिनचर्या पर ध्यान दिया जाए।
सुबह उठने के तुरंत बाद बहुत तेज चाय लेने के बजाय पहले पानी पी सकते हैं और जरूरत महसूस होने पर हल्का नाश्ता कर सकते हैं। आयरन की कमी वाले लोग भोजन के साथ चाय लेने से बचने के लिए अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह ले सकते हैं।
इसके अलावा दिनभर जरूरत से ज्यादा चाय पीना भी उचित नहीं है। बार-बार चाय की जगह पर्याप्त पानी, संतुलित भोजन और नियमित नींद को प्राथमिकता देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
SIR Notice: आडवाणी से जयशंकर तक कई बड़े नामों को नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
यदि चाय पीने के बाद लगातार पेट में जलन, ऊपरी पेट में दर्द, बार-बार उल्टी, निगलने में परेशानी, बिना वजह वजन कम होना या काला मल जैसी समस्या हो तो इसे केवल चाय की आदत से जोड़कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों में चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।



