दुर्ग में गुटखा यूनिट पर Central GST Intelligence की कार्रवाई
दुर्ग। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में रविवार को सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने एक परिसर में छापेमारी कर गुटखा निर्माण से जुड़ी सामग्री और मशीनें जब्त की हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्रवाई के दौरान दो मशीनें और करीब 30 बोरा तैयार गुटखा मिला है। करीब 10 से 12 अधिकारियों की टीम तीन वाहनों से मौके पर पहुंची और कई घंटे तक परिसर में मौजूद सामान तथा दस्तावेजों की जांच करती रही।
फिलहाल विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में जब्त माल की वास्तविक कीमत, संभावित कर देनदारी और कारोबारी की कानूनी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
एक परिसर से मामला सिर्फ बरामदगी तक सीमित नहीं
इस कार्रवाई की अहमियत केवल दो मशीनों और बड़ी मात्रा में तैयार माल मिलने तक सीमित नहीं है। कर जांच में अधिकारी आम तौर पर यह भी देखते हैं कि उत्पादन कितना हुआ, कच्चा माल कहां से आया, तैयार माल कहां भेजा जाता था और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड वास्तविक कारोबार से मेल खाता है या नहीं।
यही वजह है कि टीम ने गोदाम में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री को भी खंगाला। यदि रिकॉर्ड और मौके पर मिले उत्पादन के बीच अंतर सामने आता है, तो जांच का दायरा केवल स्टॉक जब्ती से आगे बढ़ सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिस परिसर में कार्रवाई हुई, उसे सुरेश गुप्ता से जुड़ा गोदाम बताया जा रहा है। हालांकि उनकी भूमिका के संबंध में अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए इसे किसी अपराध का अंतिम प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।
30 बोरे तैयार माल ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
मौके पर करीब 30 बोरा तैयार गुटखा मिलने की सूचना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जांच एजेंसियों को कथित उत्पादन और संभावित सप्लाई चैन के बारे में सुराग मिल सकते हैं। अधिकारियों के सामने यह पता लगाना होगा कि यह माल कब तैयार हुआ, इसकी पैकिंग कहां हुई और इसे किन बाजारों तक भेजे जाने की तैयारी थी।
जब्त मशीनें भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। मशीनों की क्षमता और उनकी कार्यप्रणाली से संभावित उत्पादन स्तर का आकलन किया जा सकता है। इसी तरह खरीद संबंधी दस्तावेज, परिवहन रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक डेटा से कारोबार की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
2026 में तंबाकू कारोबार की टैक्स व्यवस्था भी बदली है
इस कार्रवाई को मौजूदा कर व्यवस्था के संदर्भ में देखना भी जरूरी है। केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2026 से पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में नई क्षमता-आधारित कर व्यवस्था लागू की है। पान मसाला पर Health Security se National Security Cess (HSNS) और चबाने वाले तंबाकू, जर्दा तथा गुटखा पर क्षमता आधारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। मशीनों की संख्या और क्षमता इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यानी अब ऐसी इकाइयों की जांच में केवल तैयार माल की मात्रा ही नहीं, बल्कि पैकिंग मशीनों की वास्तविक संख्या, घोषित क्षमता और उत्पादन गतिविधि भी अहम साक्ष्य बन सकती है। CBIC ने मशीनों से जुड़ी घोषणाओं के सत्यापन के लिए अलग प्रक्रिया भी जारी की है।
कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री रायपुर ले जाई गई
छापेमारी पूरी होने के बाद टीम जब्त मशीनों और गुटखे को लेकर रायपुर रवाना हुई। आगे की प्रक्रिया में सामग्री का सत्यापन, दस्तावेजों का मिलान और उपलब्ध रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
यह भी संभव है कि दस्तावेजों या डिजिटल रिकॉर्ड से उत्पादन और सप्लाई से जुड़े अन्य स्थानों का पता चले। ऐसे मामलों में वास्तविक तस्वीर अक्सर मौके पर मिली सामग्री से ज्यादा लेन-देन और सप्लाई नेटवर्क के रिकॉर्ड से सामने आती है।



