गुरुग्राम में स्पा से PG तक फैले संदिग्ध नेटवर्क पर शिकंजा, 21 लोगों से पूछताछ
गुरुग्राम। गुरुग्राम में वैध कारोबार और आवासीय ठिकानों की आड़ में कथित रूप से चल रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब एक-दो प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं दिख रही है। सफायर-90 मॉल के स्पा सेंटरों पर हुई छापेमारी के बाद सेक्टर-38 के एक PG में भी कार्रवाई की गई, जहां विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन अलग-अलग ठिकानों के बीच कोई संगठित कनेक्शन है या नहीं।
इस पूरे मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि जांच में केवल मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका नहीं, बल्कि ठिकानों की व्यवस्था, ऑनलाइन संपर्क, ग्राहकों तक पहुंच और कथित तौर पर लोगों को उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
एक पीड़िता की जानकारी से जांच को मिला नया सिरा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, एक रेस्क्यू की गई महिला से पूछताछ के दौरान झाड़सा निवासी साहिल का नाम सामने आया। आरोप है कि साहिल अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि ग्राहकों से संपर्क के लिए वेबसाइट, WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। नेटवर्क के संचालन में PG, गेस्ट हाउस और वाहनों समेत कई ठिकानों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
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यदि जांच में इन दावों की पुष्टि होती है, तो मामला किसी एक स्थान पर अवैध गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल माध्यमों और कई भौतिक ठिकानों से संचालित नेटवर्क का रूप ले सकता है।
नाबालिग होने के दौरान जबरन रखने का आरोप
जांच का सबसे संवेदनशील पहलू एक महिला का वह कथित बयान है, जिसमें उसने बताया कि नाबालिग रहने के दौरान उसे झाड़सा के एक ठिकाने पर जबरन रखा गया था। इस तरह के आरोपों की जांच में पीड़ितों और आरोपियों के बीच अंतर करना बेहद जरूरी है।
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यही वजह है कि पुलिस के लिए आगे की जांच में यह स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा कि कौन व्यक्ति नेटवर्क को संचालित कर रहा था, किसने आर्थिक या अन्य लाभ उठाया और किन लोगों को दबाव, लालच या जबरदस्ती के जरिए इस गतिविधि में धकेला गया।
PG में 21 लोगों की मौजूदगी ने बढ़ाए सवाल
सेक्टर-38 के PG में की गई कार्रवाई के दौरान 13 पुरुष और 8 महिलाएं मिलने की जानकारी है। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है और संबंधित थाने में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
हालांकि केवल किसी PG में मौजूद होना अपने आप में किसी व्यक्ति को अपराधी साबित नहीं करता। जांच एजेंसियों को प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका अलग-अलग निर्धारित करनी होगी। खासकर विदेशी नागरिकों के मामले में उनकी पहचान, यात्रा और ठहरने से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
सफायर-90 की कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण है?
इससे पहले गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-90 स्थित सफायर-90 मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर रातभर अभियान चलाया था। पुलिस के अनुसार, आठ सेंटरों में प्रथम दृष्टया संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के साक्ष्य मिले। कार्रवाई में 30 महिलाएं और 20 पुरुष हिरासत में लिए गए तथा इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दस्तावेजी सामग्री जब्त की गई।
महिलाओं से यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है कि वे किन परिस्थितियों में वहां मौजूद थीं और क्या किसी व्यापक नेटवर्क या सुविधाकर्ता की भूमिका थी। वहीं मौके पर मिले पुरुषों की भूमिका भी साक्ष्यों के आधार पर तय की जा रही है।
अब जांच का असली फोकस संचालकों और पैसों के नेटवर्क पर
इस तरह के मामलों में किसी एक जगह से लोगों की गिरफ्तारी या हिरासत जांच का अंतिम चरण नहीं होती। असली तस्वीर तब सामने आती है जब पुलिस यह पता लगाती है कि पैसा किस तक पहुंचता था, ऑनलाइन संपर्क कौन संभालता था, ठिकाने किसके नियंत्रण में थे और अलग-अलग स्थानों के बीच समन्वय कौन कर रहा था।
सफायर-90 से जब्त डिजिटल सामग्री और दस्तावेजों की जांच इसी दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस ने भी मालिकों, संचालकों, मैनेजरों और कथित मददगारों की भूमिका की जांच की बात कही है।



