वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इस समय चर्चा सिर्फ रन और विकेट की नहीं, बल्कि टीम में जगह बनाने की प्रतिस्पर्धा की भी है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में उन्हें एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला। अब मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि प्रतिभा के बावजूद वैभव को अपनी अगली पारी के लिए इंतजार करना होगा।
गंभीर ने 17 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 के बाद कहा कि उम्र चाहे 15 साल हो या 30 साल, मौका मिलने के लिए इंतजार करना पड़ता है। उनके मुताबिक वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से प्रदर्शन करते आ रहे हैं, उन्हें टीम की प्राथमिकता में आगे रहना स्वाभाविक है।
अफगानिस्तान सीरीज में सैमसन-अभिषेक पर भरोसा
अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी20 मुकाबलों में भारत ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को पारी की शुरुआत के लिए उतारा। दोनों ने इस भरोसे को आंकड़ों में भी बदला। भारत ने सीरीज 3-0 से जीती और तीसरे मुकाबले में अभिषेक ने महज 30 गेंदों में शतक जड़ दिया। सैमसन ने भी पूरी सीरीज में 117 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे।
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यही प्रदर्शन वैभव के लिए रास्ता रोकने वाला सबसे तत्काल कारण बना। टीम प्रबंधन के सामने एक ऐसी ओपनिंग जोड़ी थी जिसने उसी सीरीज में लगातार योगदान दिया, ऐसे में किसी एक खिलाड़ी को सिर्फ युवा प्रतिभा के आधार पर हटाना आसान फैसला नहीं था।
संजू सैमसन को बाहर करना गंभीर के लिए सबसे कठिन फैसला
दिलचस्प बात यह है कि कुछ महीने पहले स्थिति इसके उलट थी। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर किया गया और वैभव को मौका मिला। उस समय गंभीर ने कहा था कि सैमसन को बाहर रखना उनके कोचिंग कार्यकाल के सबसे कठिन फैसलों में से एक था।
सैमसन 2026 टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के दौरान प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। BCCI के अनुसार उन्होंने उस विश्व कप में 321 रन बनाए और फाइनल में भी 89 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी।
इंग्लैंड दौरे में शुरुआती खराब प्रदर्शन के बाद उनकी जगह वैभव को आजमाया गया। लेकिन अब अफगानिस्तान सीरीज में सैमसन के दो अर्धशतक और अभिषेक के लगातार प्रदर्शन ने चयन की तस्वीर फिर बदल दी है।
वैभव के आंकड़े भी नजरअंदाज नहीं किए जा सकते
वैभव के लिए मौजूदा स्थिति का दूसरा पहलू भी है। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और बाद में जिम्बाब्वे दौरे पर 151 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता। उनका स्ट्राइक रेट 196.10 रहा।
इसलिए उनकी कहानी किसी सामान्य रिजर्व खिलाड़ी की नहीं है। BCCI ने उन्हें सितंबर में अफगानिस्तान और 2026 एशियन गेम्स दोनों के लिए टीम में शामिल किया था। 16 सितंबर को घोषित भारत की एशियन गेम्स टीम में भी उनका नाम मौजूद है।
अब अगला मौका कहां मिल सकता है?
अफगानिस्तान सीरीज के बाद वैभव भारत की एशियन गेम्स टीम का हिस्सा हैं। BCCI के अनुसार भारत 22 सितंबर को जापान के खिलाफ टी20 खेलेगा और 28 सितंबर से एशियन गेम्स में क्वार्टर फाइनल अभियान शुरू करेगा। इसके अलावा वह अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच टी20 मैचों की घरेलू सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में शामिल हैं।
यानी वैभव का इंतजार अनिश्चित भविष्य नहीं है। फिलहाल टीम प्रबंधन का संदेश यह है कि मौका मिलेगा, लेकिन उसे प्रदर्शन और टीम संयोजन के बीच अपनी जगह बनानी होगी। भारतीय क्रिकेट में असली प्रतिस्पर्धा अब यही है—अनुभव, हालिया फॉर्म और असाधारण युवा प्रतिभा, तीनों को एक साथ कैसे संतुलित किया जाए।



