IND vs AFG 3rd T20
नई दिल्ली। अरुण जेटली स्टेडियम में गुरुवार को भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 127 रन की बड़ी जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। पहले दो मुकाबले भी भारत ने सात-सात विकेट से जीते थे। इस पूरी सीरीज में भारतीय टीम ने गेंद और बल्ले, दोनों विभागों में लगातार बढ़त बनाए रखी।
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इस जीत की सबसे बड़ी कहानी अभिषेक शर्मा का रिकॉर्डतोड़ शतक रही। सलामी बल्लेबाज ने केवल 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में अब तक का सबसे तेज शतक है। यह किसी Full Member टीम के बल्लेबाज का भी सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक है। वैश्विक सूची में उनसे आगे केवल एस्टोनिया के साहिल चौहान और तुर्की के मोहम्मद फहाद हैं। अभिषेक ने अपनी पारी में 108 रन, 9 चौके और 11 छक्के लगाए।
6 ओवर में 100 रन, भारत ने शुरुआत में ही मैच अपनी मुट्ठी में कर लिया
अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया, लेकिन उसे शुरुआती छह ओवर में ही भारी कीमत चुकानी पड़ी। अभिषेक और संजू सैमसन ने मिलकर पावरप्ले में भारत को 100/0 तक पहुंचा दिया। यह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का पावरप्ले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी हुई।
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अभिषेक ने सिर्फ 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद रफ्तार और तेज कर दी। शतक के तुरंत बाद वह राशिद खान की गेंद पर 108 रन बनाकर आउट हुए। इस पारी ने दिखाया कि मौजूदा भारतीय टी20 रणनीति में पावरप्ले का उपयोग सिर्फ अच्छी शुरुआत के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष को शुरुआती ओवरों में ही दबाव में डालने के लिए किया जा रहा है।
संजू सैमसन ने भी लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक लगाया। उन्होंने 35 गेंदों में 50 रन बनाए। दूसरे मुकाबले में 57 रन बनाने के बाद यह पारी उनके लिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि सीरीज शुरू होने से पहले उनका फॉर्म चर्चा में था।
221 का लक्ष्य भी अफगानिस्तान के लिए काफी नहीं था
भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 221 रन बनाए। शुरुआती विस्फोटक बल्लेबाजी के बाद अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने बीच के चरण में कुछ वापसी जरूर की, लेकिन कुल स्कोर 220 के पार चला गया। शेष बल्लेबाजों में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 29 रन बनाए, जबकि अन्य बल्लेबाजों ने छोटे लेकिन उपयोगी योगदान दिए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत भारत की बल्लेबाजी के बिल्कुल उलट रही। उसकी पूरी टीम 14.1 ओवर में 94 रन पर ऑलआउट हो गई। नितीश कुमार रेड्डी और रवि बिश्नोई ने तीन-तीन विकेट लेकर मध्यक्रम और निचले क्रम को टिकने का मौका नहीं दिया। अक्षर पटेल ने दो विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह और यश ठाकुर को एक-एक सफलता मिली।
एशियन गेम्स से पहले भारत को मिला बड़ा संकेत
अफगानिस्तान के खिलाफ 3-0 की जीत का महत्व केवल सीरीज परिणाम तक
सीमित नहीं है। यह टीम के लिए सितंबर के अंत में शुरू होने वाले एशियन गेम्स से पहले एक उपयोगी तैयारी भी रही। BCCI ने पहले ही इस दौरे और उसके बाद के कार्यक्रम की पुष्टि की थी, जिसमें जापान के खिलाफ 22 सितंबर का टी20 और फिर एशियन गेम्स शामिल हैं।
इस सीरीज ने भारत को एक साथ कई सकारात्मक संकेत दिए हैं—अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी, सैमसन की वापसी, नितीश की ऑलराउंड उपयोगिता और बिश्नोई की स्पिन गेंदबाजी। खासकर अभिषेक की 30 गेंदों वाली पारी ने भारत के टी20 बल्लेबाजी मॉडल की आक्रामक दिशा को एक बार फिर सामने ला दिया है।
अफगानिस्तान के लिए सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, लेकिन इस टीम के पास राशिद खान, मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। अगले मुकाबलों में उसकी चुनौती भारत जैसे आक्रामक शीर्ष क्रम के खिलाफ शुरुआती विकेट बचाने और बल्लेबाजी में साझेदारियां तैयार करने की होगी।



