ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी ठिकानों की तबाही की तस्वीरें सामने आईं
रियाद/कुवैत। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का एक नया दृश्य रिकॉर्ड सामने आया है। CBS News ने 15 सितंबर 2026 को ऐसी तस्वीरें प्रकाशित कीं, जो सऊदी अरब और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद की स्थिति दिखाती हैं। तस्वीरें अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने गोपनीयता की शर्त पर उपलब्ध कराई थीं और इनमें तारीख दर्ज नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण तस्वीरों में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर खड़ा एक Boeing E-3 Sentry AWACS लगभग नष्ट हालत में नजर आता है। विमान का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पूंछ धड़ से अलग दिखाई देती है। E-3 Sentry कोई सामान्य निगरानी विमान नहीं है। इसके ऊपर लगा घूमने वाला रडार लंबी दूरी तक हवाई गतिविधियों की जानकारी जुटाने और कमांडरों को युद्धक्षेत्र की स्थिति समझने में मदद करता है। इसलिए ऐसे विमान को नुकसान केवल एक महंगे एयरफ्रेम की क्षति नहीं, बल्कि हवाई निगरानी और कमांड-एंड-कंट्रोल क्षमता पर असर के रूप में देखा जाता है।
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इस विमान की क्षति की तस्वीरें पूरी तरह नई नहीं हैं। मार्च 2026 में BBC Verify ने अलग उपलब्ध तस्वीरों की जियो-लोकेशन जांच के जरिए पुष्टि की थी कि E-3 की तस्वीरें वास्तव में प्रिंस सुल्तान एयर बेस की थीं। उस समय अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे, जबकि अन्य रिपोर्टों में ईंधन भरने वाले विमानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी सामने आई थी।
नई तस्वीरों में कैंप ब्यूहरिंग और कैंप अरिफजान, कुवैत की स्थिति भी सामने आती है। इनमें क्षतिग्रस्त इमारतें, बैरक, वाहन और तबाह ट्रेलर दिखाई देते हैं। कुछ स्थानों पर इमारतों के ढांचे बचे हुए हैं, जबकि आसपास सैन्य सुरक्षा के लिए लगाए गए कंक्रीट अवरोध अपेक्षाकृत कम प्रभावित नजर आते हैं। CBS के मुताबिक, यह अंतर इस बात को रेखांकित करता है कि पारंपरिक ग्राउंड-लेवल सुरक्षा उपाय हर तरह के हवाई हमले के लिए पर्याप्त नहीं होते।
इस पूरे घटनाक्रम का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि अमेरिकी रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की 14 सितंबर की रिपोर्ट ने भी अमेरिकी ठिकानों को व्यापक नुकसान की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमलों से कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों इमारतों और संरचनाओं को नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हुईं। इसी रिपोर्ट में उपकरणों के नुकसान का अनुमान 3.7 अरब डॉलर तक बताया गया, जिसमें लगभग 60 विमान शामिल हैं।
सैन्य दृष्टि से अब चुनौती सिर्फ क्षतिग्रस्त इमारतें दोबारा बनाने की नहीं है। लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में अमेरिका को अपने विमानों और अहम कमांड सिस्टम को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करने, ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने और मिसाइल-ड्रोन हमलों से निपटने के लिए बहुस्तरीय रक्षा पर अधिक जोर देना पड़ सकता है। साथ ही, इन ठिकानों पर लॉजिस्टिक निर्भरता कम करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि तस्वीरें नुकसान का पैमाना समझने में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन CBS द्वारा प्रकाशित मौजूदा तस्वीरों पर तारीख नहीं है और उनकी स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि सभी मामलों में नहीं हुई है। इसलिए तस्वीरों में दिख रहे प्रत्येक नुकसान को किसी एक विशेष हमले से जोड़ते समय सावधानी जरूरी है।



