DP World Nava Raipur Open 2026
रायपुर, छत्तीसगढ़। नवा रायपुर में इन दिनों सिर्फ एक गोल्फ टूर्नामेंट नहीं चल रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ अपने खेल और पर्यटन के एक नए संभावित क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रख रहा है। DP World Nava Raipur Open 2026 का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में हो रहा है। ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि वाले इस प्रोफेशनल टूर्नामेंट में 132 गोल्फर, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं, हिस्सा ले रहे हैं।
15 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और DP World Professional Golf Tour of India (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया और ट्रॉफी का अनावरण किया। PGTI के मुताबिक यह 2026 में नवा रायपुर में आयोजित होने वाला दूसरा प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट है।
नवा रायपुर के लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ चार दिन का आयोजन नहीं
किसी शहर में बड़े खेल आयोजन की अहमियत सिर्फ मैदान पर होने वाली प्रतिस्पर्धा से तय नहीं होती। खिलाड़ी, कोच, अधिकारी, प्रायोजक और दर्शक जब किसी शहर में पहुंचते हैं, तो उसके साथ होटल, परिवहन, खान-पान, स्थानीय सेवाओं और पर्यटन गतिविधियों को भी काम मिलता है।
नवा रायपुर में आयोजित यह टूर्नामेंट इसी मॉडल का एक उदाहरण बन सकता है। मुख्यमंत्री ने भी आयोजन को पर्यटन, युवाओं की भागीदारी और स्थानीय कारोबार के अवसरों से जोड़कर देखा है।
अगर ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनी रहती है, तो नवा रायपुर के लिए गोल्फ को केवल एक खेल के रूप में नहीं बल्कि स्पोर्ट्स-टूरिज्म प्रोडक्ट के रूप में विकसित करने की संभावना बन सकती है।
132 खिलाड़ियों में 18 विदेशी चेहरे
इस प्रतियोगिता की अंतरराष्ट्रीय पहचान का एक प्रमुख कारण इसमें शामिल विदेशी खिलाड़ी हैं। कुल 132 प्रोफेशनल गोल्फरों के मैदान में 18 खिलाड़ी विदेशों से आए हैं। अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों की मौजूदगी नवा रायपुर को भारतीय प्रोफेशनल गोल्फ के नियमित कैलेंडर में अधिक दृश्यता देती है।
भारतीय खिलाड़ियों में वीर अहलावत, मनु गंडास, अक्षय शर्मा, हनी बैसोया, खलीन जोशी, राशिद खान और ओम प्रकाश चौहान जैसे नाम शामिल हैं।
इस स्तर की प्रतियोगिता स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे खिलाड़ियों को करीब से देखने और प्रोफेशनल गोल्फ की तैयारी, अनुशासन तथा खेल प्रबंधन को समझने का अवसर मिलता है।
₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि, चार राउंड में मुकाबला
DP World Nava Raipur Open में कुल ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रतियोगिता स्ट्रोक-प्ले फॉर्मेट में हो रही है और मुख्य मुकाबले 15 से 18 सितंबर तक चलेंगे।
PGTI के आधिकारिक कैलेंडर में भी नवा रायपुर ओपन को 15-18 सितंबर 2026 के आयोजन के रूप में दर्ज किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई स्थानीय आमंत्रण प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के प्रोफेशनल गोल्फ टूर का औपचारिक हिस्सा है।
2026 में दूसरी बार PGTI टूर्नामेंट की मेजबानी
नवा रायपुर के लिए इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू है—एक ही साल में दूसरा DP World PGTI टूर्नामेंट।
इससे यह संकेत मिलता है कि आयोजक नवा रायपुर की सुविधाओं और आयोजन क्षमता को दोबारा इस्तेमाल करने योग्य मान रहे हैं। PGTI ने भी शहर की प्रोफेशनल गोल्फ और गोल्फ टूरिज्म की संभावनाओं को रेखांकित किया है।
किसी शहर को खेल स्थल से खेल गंतव्य बनने के लिए केवल एक सफल आयोजन पर्याप्त नहीं होता। लगातार टूर्नामेंट, बेहतर सुविधाएं, दर्शकों की भागीदारी और खिलाड़ियों के लिए अच्छी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था इस पहचान को मजबूत करती हैं। नवा रायपुर में लगातार PGTI आयोजन इसी दिशा में एक शुरुआती संकेत है।
फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट की भूमिका
टूर्नामेंट का आयोजन Fairway Golf & Lake Resort में हो रहा है। PGTI के अनुसार यह 18-होल, पार-69 गोल्फ कोर्स है और इसी मैदान पर प्रोफेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी हो रही है।
किसी प्रोफेशनल प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए केवल मैदान होना पर्याप्त नहीं होता। खिलाड़ियों के ठहरने, परिवहन, अभ्यास, आयोजन प्रबंधन और दर्शकों के लिए सुविधाओं का पूरा इकोसिस्टम भी जरूरी होता है। नवा रायपुर की योजनाबद्ध शहरी संरचना इस तरह के आयोजनों के लिए एक आधार प्रदान करती है।
कपिल देव की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव वर्तमान में PGTI के अध्यक्ष हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के साथ टूर्नामेंट का उद्घाटन किया।
गोल्फ के संदर्भ में कपिल देव ने युवा खिलाड़ियों के लिए प्रोफेशनल प्रतियोगिताओं की भूमिका पर जोर दिया। PGTI के अनुसार उन्होंने गोल्फ को ओलंपिक खेल बताते हुए युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के रास्तों की ओर ध्यान दिलाया।
इसका महत्व इसलिए है क्योंकि किसी खेल का इकोसिस्टम तब मजबूत होता है जब युवा खिलाड़ी शुरुआती स्तर से प्रोफेशनल प्रतियोगिताओं तक एक स्पष्ट रास्ता देख पाते हैं।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए असली चुनौती यहीं से शुरू होती है
बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी अपने आप स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी नहीं बनाती। उसके लिए कोचिंग, नियमित प्रतियोगिताएं, अभ्यास सुविधाएं, खेल विज्ञान, फिटनेस और आर्थिक सहयोग की निरंतर व्यवस्था जरूरी होती है।
राज्य सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किए जाने की बात कही है। ऐसे कार्यक्रमों और प्रोफेशनल टूर्नामेंटों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए तो स्थानीय खिलाड़ियों को देखने-सिखने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धात्मक अवसर भी मिल सकते हैं।
गोल्फ जैसे खेल में यह और महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती प्रशिक्षण, उपकरण और नियमित उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का खर्च कई प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बाधा बन सकता है।
खेल से पर्यटन तक जुड़ सकता है नवा रायपुर
नवा रायपुर की गोल्फ पहचान को विकसित करने की एक बड़ी संभावना स्पोर्ट्स टूरिज्म में है।
एक प्रोफेशनल टूर्नामेंट के दौरान आने वाले खिलाड़ी और अधिकारी केवल गोल्फ कोर्स तक सीमित नहीं रहते। यदि आयोजन को राज्य के पर्यटन स्थलों, स्थानीय संस्कृति, खान-पान और आतिथ्य से जोड़ा जाए तो खेल आयोजन पर्यटन प्रचार का माध्यम भी बन सकता है।
PGTI और राज्य सरकार ने भी टूर्नामेंट को पर्यटन तथा स्थानीय व्यवसायों से जोड़ने की संभावना पर जोर दिया है।
यानी भविष्य में नवा रायपुर की पहचान केवल प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि कॉन्फ्रेंस, स्पोर्ट्स और गोल्फ इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की कोशिश की जा सकती है।
आगे की दिशा: एक आयोजन से स्थायी पहचान तक
DP World Nava Raipur Open 2026 की सबसे बड़ी परीक्षा टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद होगी। यदि हर साल प्रोफेशनल प्रतियोगिताएं लौटती हैं, स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित अवसर मिलते हैं और खेल के साथ होटल, पर्यटन तथा स्थानीय कारोबार का नेटवर्क विकसित होता है, तभी नवा रायपुर की गोल्फ पहचान स्थायी रूप ले सकेगी।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि 132 प्रोफेशनल गोल्फरों और 18 विदेशी खिलाड़ियों वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल कैलेंडर में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय तत्व जोड़ रहा है। 2026 में दूसरी PGTI प्रतियोगिता की मेजबानी नवा रायपुर के लिए इस खेल को लंबे समय तक विकसित करने की संभावनाओं को भी सामने लाती है।



