महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद शहर के इमलीभाठा वार्ड क्रमांक 10 में रविवार दोपहर करीब 12 बजे डीके फ्रिज-टीवी सेंटर में अचानक आग लग गई। दुकान से धुआं और लपटें उठती देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद आग पर काबू पाने के लिए बचाव दल मौके पर पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह बिजली के शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। दुकान में इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा होने के कारण आग से बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान होने से तेजी से फैलने का खतरा
इमलीभाठा वार्ड स्थित डीके फ्रिज-टीवी सेंटर में दोपहर के समय अचानक आग लगने की सूचना मिली। दुकान में टीवी, फ्रिज, इलेक्ट्रिकल उपकरण, वायरिंग और पैकिंग से जुड़ी सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलने की स्थिति बन गई। आग की लपटें देखकर आसपास के दुकानदार और रहवासी भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद लोगों को घटनास्थल से दूर किया और दमकल विभाग को सूचना दी।
आग की वजह से दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान के प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, कितना सामान पूरी तरह जल गया और कितना सुरक्षित बचा है, इसका वास्तविक आकलन आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और दुकान का निरीक्षण किए जाने के बाद ही सामने आएगा। शुरुआती स्तर पर नुकसान लाखों रुपये का होने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद सामने आएगा कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग बिजली की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगने की आशंका है। हालांकि, केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर आग का कारण तय नहीं किया जा सकता। पुलिस और दमकल विभाग की जांच के दौरान दुकान की बिजली लाइन, मीटर, वायरिंग, उपकरणों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग वास्तव में शॉर्ट सर्किट से लगी थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक दुकान का संचालन धनेश निषाद करते हैं। फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के समय दुकान के अंदर कौन-कौन मौजूद था और किसी को नुकसान हुआ या नहीं, इसकी जानकारी भी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
दमकल और पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने की जानकारी है। दमकल कर्मियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए प्रयास शुरू किए और आसपास मौजूद दुकानों तथा मकानों तक आग फैलने से रोकने पर भी ध्यान दिया। इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान होने के कारण आग बुझाने के दौरान भी विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि बिजली के उपकरण और वायरिंग आग का खतरा बढ़ा सकते हैं।
पुलिस ने भी घटनास्थल पर स्थिति संभालने और लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने का काम किया। आग पूरी तरह बुझने के बाद दुकान के अंदर की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर नुकसान का आकलन और आग लगने के संभावित कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में फायर सेफ्टी बेहद जरूरी
इलेक्ट्रॉनिक सामान वाली दुकानों में बिजली की वायरिंग, ओवरलोडेड प्लग, एक्सटेंशन बोर्ड, पुराने उपकरण और खराब कनेक्शन के कारण आग का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे स्थानों पर समय-समय पर वायरिंग और विद्युत उपकरणों की जांच कराना, उचित क्षमता वाले MCB और सही अर्थिंग की व्यवस्था रखना तथा आग बुझाने वाले उपकरण उपलब्ध रखना जरूरी है।
दुकान संचालकों को दुकान बंद करते समय मुख्य बिजली सप्लाई की जांच करनी चाहिए और ज्वलनशील पैकिंग सामग्री को बिजली के स्रोतों से दूर रखना चाहिए। नियमित फायर सेफ्टी जांच और बिजली के उपकरणों का रखरखाव आग जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
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