रायपुर। छत्तीसगढ़ में गणेश चतुर्थी से पहले स्कूलों में मध्याह्न भोजन और पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के मानदेय को लेकर राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार की ओर से रसोइयों के मानदेय भुगतान के लिए राशि जारी करने का आदेश जारी किया गया है। विभागीय आदेश के बाद अब संबंधित जिलों में राशि के आवंटन और पात्र रसोइयों को भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइये पीएम पोषण योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लंबे समय से मानदेय का इंतजार कर रहे रसोइयों के लिए राशि जारी होने का यह कदम राहत देने वाला माना जा रहा है।
रसोइयों के मानदेय के लिए राशि जारी
छत्तीसगढ़ के सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का काम रसोइयों द्वारा किया जाता है। इनके मानदेय का भुगतान विभागीय प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
सरकार की ओर से राशि जारी होने के बाद अब जिला और विकासखंड स्तर पर भुगतान संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पात्र रसोइयों के बैंक खातों में मानदेय की राशि भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
हालांकि, प्रत्येक जिले में भुगतान की तारीख अलग हो सकती है। यह स्थानीय स्तर पर सूची सत्यापन और बैंक संबंधी प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
विभागीय आदेश के बाद आगे क्या होगा?
राशि जारी होने के बाद संबंधित विभागों और जिला कार्यालयों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें पात्र रसोइयों की सूची का सत्यापन, बैंक खाते की जानकारी की जांच और लंबित मानदेय से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान शामिल हो सकता है।
भुगतान से पहले इन बातों की जांच जरूरी
- रसोइये का नाम संबंधित स्कूल की सूची में दर्ज है या नहीं।
- बैंक खाता सक्रिय है या नहीं।
- बैंक खाते की जानकारी सही है या नहीं।
- आधार और बैंक संबंधी विवरण में कोई त्रुटि तो नहीं है।
- जिला और विकासखंड स्तर पर भुगतान सूची तैयार हुई है या नहीं।
- लंबित मानदेय से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन हुआ है या नहीं।
किसी भी जानकारी में गलती होने पर भुगतान में देरी हो सकती है। इसलिए रसोइयों को अपने स्कूल या संबंधित शिक्षा कार्यालय से जानकारी लेते रहना चाहिए।
पीएम पोषण योजना में रसोइयों की अहम भूमिका
पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर संचालित करने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
रसोइये बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के साथ रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित उपयोग और भोजन के वितरण जैसे काम भी करते हैं। इसलिए मानदेय का समय पर भुगतान उनके लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है।
जिलों में आगे बढ़ेगी भुगतान प्रक्रिया
सरकार की ओर से राशि जारी किए जाने के बाद संबंधित जिलों में भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राशि रसोइयों तक पहुंचने में लगने वाला समय जिला स्तर पर होने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया और बैंक खाते के सत्यापन पर निर्भर कर सकता है।
इसलिए राशि जारी होने के बाद भी सभी रसोइयों के खातों में एक ही दिन भुगतान होना जरूरी नहीं है।
खाते में मानदेय नहीं आए तो क्या करें?
यदि विभागीय प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी किसी रसोइये के बैंक खाते में मानदेय की राशि नहीं पहुंचती है, तो सबसे पहले स्कूल स्तर पर इसकी जानकारी लेनी चाहिए।
समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
रसोइये अपने भुगतान की स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारी को आवेदन भी दे सकते हैं।
शिकायत या जानकारी के लिए जरूरी दस्तावेज
- बैंक पासबुक
- आधार से संबंधित जानकारी
- मोबाइल नंबर
- स्कूल में रसोइये के रूप में कार्यरत होने का प्रमाण
- पूर्व भुगतान की जानकारी, यदि उपलब्ध हो
- संबंधित आवेदन या शिकायत की रसीद
मानदेय की राशि कितनी है?
रसोइयों को मिलने वाले मानदेय की कुल राशि, लंबित अवधि और जिलावार आवंटन की सही जानकारी संबंधित विभागीय आदेश में दर्ज आंकड़ों के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।
अलग-अलग मद या वित्तीय वर्ष से जुड़ी राशि को एक ही भुगतान मानना सही नहीं होगा। इसलिए रसोइयों को सलाह है कि वे विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश या अपने संबंधित शिक्षा कार्यालय से मिली जानकारी को ही अंतिम आधार मानें।
रसोइयों के लिए जरूरी अपडेट
राशि जारी होने के बाद अब रसोइयों को भुगतान प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। जिन लोगों का नाम विभागीय सूची में शामिल है, उन्हें अपने बैंक खाते और स्कूल स्तर पर दर्ज विवरण की जांच कर लेनी चाहिए।
अगर बैंक खाता बंद है, गलत खाता दर्ज है या अन्य विवरण में त्रुटि है तो उसे संबंधित अधिकारी के माध्यम से समय रहते ठीक कराया जा सकता है।
रसोइया मानदेय अपडेट: आगे क्या?
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मानदेय के लिए राशि जारी किए जाने के बाद अब जिला स्तर पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। पात्र रसोइयों की सूची और बैंक विवरण का सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान किया जा सकता है।
रसोइयों को सलाह दी जाती है कि मानदेय से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए अपने स्कूल, विकासखंड शिक्षा कार्यालय या जिला शिक्षा कार्यालय से पुष्टि करें। राशि, लाभार्थियों की संख्या और भुगतान अवधि से जुड़े अंतिम आंकड़े केवल आधिकारिक विभागीय आदेश के आधार पर ही माने जाएं।
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